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बाराबंकी बालिका गृह में शिक्षा और स्वास्थ्य का नया अध्याय, राज्यपाल ने शुरू किया एचपीवी टीकाकरण अभियान

लखनऊ, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को बाराबंकी स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी) में राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ द्वारा स्थापित कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया तथा सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।
 
बाराबंकी बालिका गृह में शिक्षा और स्वास्थ्य का नया अध्याय, राज्यपाल ने शुरू किया एचपीवी टीकाकरण अभियान

लखनऊ, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को बाराबंकी स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी) में राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ द्वारा स्थापित कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया तथा सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।

इस दौरान उन्होंने बालिका गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां रह रही किशोरियों से संवाद कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। अभियान के तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की 40 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता समाज की साझा जिम्मेदारी है। किशोरियों को शैक्षणिक किट वितरित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की बुनियाद है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन के साथ कौशल आधारित गतिविधियों में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेहंदी कला, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण, पाककला और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक समय में शिक्षा और कौशल विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी बेटियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाए तथा उन्हें ट्रिपल सी परीक्षा के लिए भी तैयार किया जाए।

उन्होंने कहा कि जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियां किसी के भविष्य का निर्धारण नहीं करतीं। दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास के बल पर हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने बेटियों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को पहचानने का आह्वान किया। बालिकाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों का अवलोकन करते हुए राज्यपाल ने उनकी रचनात्मकता की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रसिद्ध उद्यमी अनार पटेल की आगामी प्रदर्शनी में बालिकाओं द्वारा तैयार उत्पादों को प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने पौष्टिक आहार, नियमित दूध सेवन, योग और स्वस्थ जीवनशैली को आवश्यक बताते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही शिक्षा और सफलता का आधार है। उन्होंने पुस्तकालयों के नियमित उपयोग, पुस्तक पठन, लेखन और पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

बालिका गृह की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे संस्थान केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि बेटियों के व्यक्तित्व निर्माण, शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता के केंद्र बनने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं की परीक्षाएं बालिका गृह में नहीं, बल्कि संबंधित विद्यालयों में कराई जाएं, ताकि वे सामान्य विद्यार्थियों की तरह प्रतिस्पर्धी माहौल में पढ़ाई कर सकें। उन्होंने विश्वविद्यालयों से भी बालिका गृहों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं के साथ-साथ स्वच्छता, योग, व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों पर नियमित व्याख्यान आयोजित किए जाएं। राज्यपाल ने कहा कि हर बेटी में प्रतिभा और क्षमता मौजूद है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने, सही मार्गदर्शन देने और अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने प्रशासन और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बेटियों के साथ हमेशा संवेदनशील, सकारात्मक और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया ।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी