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बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई कोर्ट का फैसला, पूर्व बैंक मैनेजर समेत दो को साल साल की सजा

भोपाल, 8 जुलाई (आईएएनएस)। सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व बैंक मैनेजर और एक निजी व्यक्ति को सात वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है। यह सजा भोपाल की सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में दो आरोपियों के खिलाफ सुनाई है, जिनमें बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई), मिसरोद ब्रांच, भोपाल के तत्कालीन सीनियर ब्रांच मैनेजर पीयूष चतुर्वेदी और मोहन सिंह सोलंकी (एक प्राइवेट व्यक्ति) शामिल हैं।
 

भोपाल, 8 जुलाई (आईएएनएस)। सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व बैंक मैनेजर और एक निजी व्यक्ति को सात वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है। यह सजा भोपाल की सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में दो आरोपियों के खिलाफ सुनाई है, जिनमें बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई), मिसरोद ब्रांच, भोपाल के तत्कालीन सीनियर ब्रांच मैनेजर पीयूष चतुर्वेदी और मोहन सिंह सोलंकी (एक प्राइवेट व्यक्ति) शामिल हैं।

सीबीआई कोर्ट ने पूर्व बैंक मैनेजर समेत दोनों को सात वर्ष की कठोर कैद (आरआई) और कुल 60,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

संबंधित बैंक धोखाधड़ी मामले को लेकर सीबीआई ने बैंक ऑफ इंडिया, जोनल ऑफिस, भोपाल के तत्कालीन डिप्टी जोनल मैनेजर के द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 25 जनवरी 2016 को यह मामला दर्ज किया था।

शिकायत में आरोप था कि बैंक ऑफ इंडिया, मिसरोद ब्रांच, भोपाल के तत्कालीन सीनियर ब्रांच मैनेजर पीयूष चतुर्वेदी ने धोखाधड़ी और बेईमानी से 21 नवंबर 2013 को सनी एंटरप्राइजेज के नाम पर 30,00,000 रुपए का टर्म लोन और कैश क्रेडिट लिमिट मंजूर की थी।

उसी दिन जाली और मनगढ़ंत आरटीजीएस फॉर्म और वाउचर के आधार पर सनी एंटरप्राइजेज के उस खाते से आरटीजीएस ट्रांजेक्शन के जरिए 22,00,000 रुपए धोखाधड़ी से निकाले गए और आरोपी मोहन सिंह सोलंकी की फर्म गोल्ड फ्लाई ऐश के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।

दोनों आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत इस पैसे का गबन किया। इस तरह उन्होंने बैंक को गलत तरीके से लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया और खुद गलत तरीके से फायदा उठाया।

मामले को लेकर सीबीआई की ओर से जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने आरोपी पीयूष चतुर्वेदी और मोहन सिंह सोलंकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषी ठहराया और उसी के आधार पर बुधवार को सात वर्ष की कठोर कैद (आरआई) और कुल 60,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी