Aapka Rajasthan

बांग्लादेश में उच्च शिक्षा के बावजूद रोजगार ॉसंकट गहराया, लाखों की संख्या में ग्रेजुएट्स बेरोजगार

ढाका, 18 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश के युवाओं के लिए रोजगार एक बड़ी चिंता का विषय है। बीते कुछ दिनों में कई मुद्दों को लेकर देश की युवा आबादी सड़कों पर नजर आई। हायर सेकेंड्री सर्टिफिकेट (एचएससी) के उम्मीदवारों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इन सबके बीच देश में रोजगार को लेकर चुनौती भी बढ़ रही है।
 

ढाका, 18 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश के युवाओं के लिए रोजगार एक बड़ी चिंता का विषय है। बीते कुछ दिनों में कई मुद्दों को लेकर देश की युवा आबादी सड़कों पर नजर आई। हायर सेकेंड्री सर्टिफिकेट (एचएससी) के उम्मीदवारों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इन सबके बीच देश में रोजगार को लेकर चुनौती भी बढ़ रही है।

बांग्लादेशी मीडिया, ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 906,000 से ज्यादा यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। इससे पता चलता है कि देशभर में विश्वविद्यालयों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। उच्च शिक्षा और रोजगार की मांगों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है।

ढाका ट्रिब्यून ने बांग्लादेश ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (बीबीएस), यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी), सरकार की आर्थिक रणनीतिक टास्कफोर्स और क्यूएस वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2025 की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पिछले दस सालों में उच्च शिक्षा तक पहुंच काफी बढ़ी है। हालांकि, देश की अर्थव्यवस्था अच्छी गुणवत्ता की नौकरियां पैदा करने या ग्रेजुएट्स को मार्केट के हिसाब से स्किल्स देने में विफल रही है।

बांग्लादेश ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (बीबीएस) के लेबर फोर्स सर्वे 2023 के अनुसार, 2022 में बेरोजगार ग्रेजुएट्स की संख्या 799,000 से बढ़कर 906,000 हो गई। यह एक साल के अंदर 100,000 से ज्यादा की बढ़ोतरी है। पिछले दस सालों में, बेरोजगार ग्रेजुएट्स की संख्या लगभग आठ गुना बढ़ गई है।

सरकार की इकोनॉमिक स्ट्रेटेजी टास्कफोर्स ने पाया कि बांग्लादेश में हर 100 बेरोजगार लोगों में से 28 लोग उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। ग्रेजुएट बेरोजगारी 2010 में 4.9 फीसदी से बढ़कर 2022 में 12 फीसदी हो गई, जो शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ते अंतर को दिखाता है।

वर्तमान में बांग्लादेश में जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। ताजा हालातों और सरकार की तरफ से की जा रही कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी चिंता जताई है।

वहीं, द डेली स्टार ने लेटेस्ट लेबर फोर्स सर्वे (एलएफएस) 2024 के हवाले से बताया कि बांग्लादेश में हर पांच में से एक युवा, यानी कुल मिलाकर लगभग 86 लाख, न तो काम कर रहा है, न पढ़ाई कर रहा है और न ही नौकरी के लिए ट्रेनिंग ले रहा है।

बांग्लादेश में दक्षिण एशिया की सबसे युवा आबादी है और विकास को तेज करने के लिए युवाओं की इस संख्या पर भरोसा किया गया है। अर्थशास्त्री और रोजगार देने वालों का कहना है कि युवाओं के पास जो स्किल्स हैं और एम्प्लॉयर को अब जिनकी जरूरत है, उनके बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है।

देश में महिलाओं की शिक्षा भागीदार को लेकर कहा गया कि लड़कियों की शिक्षा में तरक्की के बावजूद, सभी एनईईटी (शिक्षा, रोजगार या ट्रेनिंग में नहीं) युवाओं में लगभग दो-तिहाई महिलाएं हैं।

--आईएएनएस

केके/एबीएम