'बड़े नामों को बचाया जा रहा', राम मंदिर चढ़ावा मामले में एनसीपी (एसपी) ने उठाए सवाल
नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की प्रवक्ता डॉ. सीमा मलिक ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने इस्तीफा दिया है या नहीं, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से साधु-संतों ने कहा कि उनका इस्तीफा नहीं होना चाहिए, तो मैं कहना चाहती हूं कि आठ लोगों पर मामला दर्ज हुआ है, जिनको जेल भेजा है।
उन्होंने कहा कि यह सभी छोटे-छोटे लोग थे, इनमें बड़ों का नाम नहीं है। बड़ों का क्यों नाम नहीं डाला गया, यह सब को पता होना चाहिए। जो लोग पकड़ में आए हैं उनमें कोई ड्राइवर है तो कोई कुछ और...इतना बड़ा घपला ये लोग नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को जो पत्र लिखा है, वो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा है। उन्होंने कहा कि आप किसी को भी हिंदू विरोधी या राष्ट्र विरोधी कह देते हैं। यहां कोई हिंदू विरोधी नहीं है, हम सभी हिंदू हैं। सभी की राम में आस्था भी है। लेकिन जिस तरह से चंदा चोरी हुई है और राम भक्तों की भावना को ठेस पहुंची है, उसका जवाब तो आपको देना ही होगा।
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) नेता संजय सिंह ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने चंदा चोरी मामले की जांच कर रहे डीएसपी को चिट्ठी लिखी है। आलोक कुमार ने चिट्ठी में कहा है कि संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करो। मैं ये कहना चाहता हूं कि कई प्रकार की चोरी होती है। मंदिर निर्माण में चोरी हुई। 40 प्रतिशत कमीशन मांगा गया, चंदा चोरी हुआ। कल एक पूर्व गृहसचिव ने कहा कि उनकी चढ़ाई हुई 1 किलो सोने की ईंट गायब हो गई। कोई पर्ची नहीं दी गई। इतना सबकुछ हो गया लेकिन आलोक कुमार को कुछ नहीं पता। अभी तक चिट्ठी ही लिख रहे हैं।
संजय सिंह ने कहा कि 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदने के मैंने तथ्य रखे; 9 और 12 जून को भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इस पूरे प्रकरण की ईडी और सीबीआई से जांच हो, चंदा गणना से लेकर जमा कराने तक की पूरी प्रक्रिया, मंदिर निर्माण, और जमीन खरीददारी का ऑडिट कराया जाए। शुरुआत से लेकर अब तक जांच कराई जाए।
रजनीश सिंह की इस चिट्ठी पर प्रधानमंत्री के कार्यालय ने संज्ञान लिया और अयोध्या जिला अधिकारी को लिखा। प्रधानमंत्री कार्यालय को जवाब में कहा गया कि मामले में जांच चल रही है; इसलिए जानकारी नहीं दी जा सकती।
उन्होंने वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार को संबोधित करते हुए कहा कि आपको अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और राम गोपाल का नाम तो याद रहा, लेकिन निपेन्द्र मिश्रा ने तो कहा था लूट हो रही है; विनय कटियार, महिपाल सिंह समेत कई नेताओं ने कहा कि मंदिर निर्माण में घोटाला हुआ, 40 प्रतिशत कमिशन लिया गया, और 2020 से ही गड़बड़ी चल रही है। उन्होंने कहा कि इस बारे में चंपत राय को भी जानकारी दी गई थी। फिर इन लोगों का नाम क्यों याद नहीं आया?
--आईएएनएस
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