बदायूं कांग्रेस में जिलाध्यक्ष की कुर्सी के लिए 12 लाख रुपए देने का आरोप, ऑडियो विवाद में थाने पहुंचा मामला
बदायूं, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बदायूं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कथित तौर पर 12 लाख रुपए के लेनदेन का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी गई है।
शिकायतकर्ता सफी अहमद ने आरोप लगाया है कि एक वायरल ऑडियो में मोरपाल प्रजापति को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनवाने के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह द्वारा 12 लाख रुपए दिलवाने की बात कही जा रही है। ऑडियो में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम को छह लाख रुपए और एआईसीसी पर्यवेक्षक राजपाल खरोला को दो लाख रुपए दिए जाने का जिक्र होने का दावा किया गया है।
हालांकि, शिकायतकर्ता ने ऑडियो को कथित तौर पर भ्रामक बताते हुए अपनी आवाज को बनावटी तरीके से जोड़े जाने का आरोप लगाया है। सिविल लाइंस थाने में 28 सितंबर को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 27 सितंबर को सुबह 10:53 बजे नवनीत यादव के मोबाइल नंबर से एक ऑडियो 'ऑफिशियल डीसी, बीडीएन' नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में प्रसारित किया गया था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस ग्रुप के एडमिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऑडियो के प्रसार से कांग्रेस पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सफी अहमद ने अपनी शिकायत में कहा है कि ऑडियो में उनकी आवाज को कथित तौर पर जोड़कर पेश किया गया है और उन्होंने इस तरह की कोई बातचीत नहीं की है।
उन्होंने इस मामले में अजीत यादव और जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी नवनीत यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 27 सितंबर को दोपहर 12:17 बजे और 12:53 बजे उनकी फोन पर अजीत यादव से बातचीत हुई थी।
इस दौरान कथित तौर पर उनसे मामले को रफा-दफा कराने के लिए मोरपाल प्रजापति से पांच लाख रुपए दिलवाने को कहा गया। शिकायत के अनुसार, रुपए नहीं दिलाने पर पार्टी से निकलवाने की धमकी दी गई। सफी अहमद का आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर अजीत यादव ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए फोन काट दिया।
शिकायत में कहा गया है कि कथित ऑडियो प्रसारित कर शिकायतकर्ता और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मानहानि की गई है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों और वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित नेताओं का पक्ष और पुलिस की जांच की स्थिति सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
--आईएएनएस
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