Aapka Rajasthan

'बड़ा मंगल' पर हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, प्रयागराज में बड़े हनुमान का भव्य श्रृंगार

अयोध्या, 26 मई (आईएएनएस)। ज्येष्ठ मास के चौथे मंगलवार 'बड़ा मंगल' के अवसर पर अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु भोर से ही हनुमानजी के दर्शन कर रहे हैं। जय श्रीराम के जयकारों से पूरा इलाका गूंज रहा है। वहीं, प्रयागराज में बड़े हनुमान का भव्य श्रृंगार किया गया।
 
'बड़ा मंगल' पर हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़,  प्रयागराज में बड़े हनुमान का भव्य श्रृंगार

अयोध्या, 26 मई (आईएएनएस)। ज्येष्ठ मास के चौथे मंगलवार 'बड़ा मंगल' के अवसर पर अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु भोर से ही हनुमानजी के दर्शन कर रहे हैं। जय श्रीराम के जयकारों से पूरा इलाका गूंज रहा है। वहीं, प्रयागराज में बड़े हनुमान का भव्य श्रृंगार किया गया।

प्रयागराज स्थित बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरि महाराज ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि इस पवित्र काल का आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत अधिक महत्व है और इस दौरान भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना इसे और भी अधिक विशेष बना देती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में गंगा दशहरा का पर्व और 'नौतपा' भी चल रहा है। भगवान हनुमान को विशेष प्रार्थनाएं अर्पित की जा रही हैं। पवनदेव के पुत्र होने के नाते ऐसी मान्यता है कि वे भीषण गर्मी के दौरान शीतलता और राहत प्रदान करते हैं। इसलिए हनुमान जी महाराज की प्रार्थना की जा रही है कि इस 'नौतपा' में वह सबको शीतलता प्रदान करें।

बलवीर गिरि महाराज ने कहा कि आज तीन कुंतल आम, तीन कुंतल सेब और लगभग 5000 लच्छी मोंगरा के फूल, दो कुंतल गेंदा और एक कुंतल हरे आम के पत्तों से हनुमान जी महाराज का श्रृंगार किया गया। रुद्र शुक्त से हनुमान जी का महाभिषेक किया गया और महाआरती की गई। सुंदर कांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। संध्या को श्रीरामचरितमानस का पाठ रखा गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है। पौराणिक कथा के मुताबिक, इसी मास के मंगलवार को भगवान श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था। इसी कारण इन दिनों हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है।

भक्तों का मानना है कि बड़े मंगल के अवसर पर की गई साधना संकटों का नाश करती है, मंगल दोष दूर करती है और शारीरिक-मानसिक शक्ति प्रदान करती है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम