बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए, तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत : राहुल गांधी
नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों व दिल्ली पुलिस सहित अन्य सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प की निंदा की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में हो रहे गंभीर मुद्दों को लेकर जायज सवाल उठाने वाले छात्रों को जवाब में केवल लाठियां और हिरासत मिली।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक वीडियो संदेश में तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री को भारत के इतिहास का सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री बताया।
राहुल गांधी ने कहा, “इतने युवा-विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।"
राहुल गांधी ने पेपर लीक की घटनाओं का आंकड़ा देते हुए कहा कि देश में अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद किसी दोषी को सजा नहीं मिली। उल्टा मेहनती युवाओं को सजा दी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले अपराधी आजाद घूम रहे हैं, जबकि वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्रों को घसीटा जा रहा है, पीटा जा रहा है और हिरासत में लिया जा रहा है। दिल्ली की सड़कों पर उतरे हमारे युवा अपराधी नहीं हैं, वे अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा सुधार और रोजगार के मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन सरकार ने इसके बजाय दमन का रास्ता अपनाया। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं होने के बावजूद मंत्री पद पर बने हुए हैं। केंद्र सरकार को इन युवाओं की मांग माननी चाहिए।
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भाजपा सरकार को बच्चों पर लाठी चलाने की जगह अपनी नीतियों और अक्षमताओं की समीक्षा करनी चाहिए। पहले नीट का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई और री-नीट में भी गड़बड़ी की खबरें आई हैं। कहा गया था कि प्रधानमंत्री खुद निगरानी करेंगे, इसके बावजूद यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? बार-बार इतने पेपर लीक कैसे हो रहे हैं? संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों युवाओं की बात सुननी चाहिए, उन्हें जवाब देना चाहिए।"
--आईएएनएस
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