'बाबासाहेब के बिना दलितों के लिए संभव नहीं हो पाता संघर्ष', अंबेडकर जयंती पर बोले रामदास आठवले
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब के बिना दलितों के लिए संघर्ष संभव नहीं हो पाता। उन्होंने संविधान के माध्यम से राष्ट्र को मजबूत और सशक्त बनाया।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने संसद परिसर में बाबासाहेब की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "आज बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती है। यह हमारे लिए प्रेरणा का एक दिन होता है। आज भारत के कोने-कोने में अंबेडकर जयंती मनाई जा रही है।"
उन्होंने कहा, "अगर बाबासाहेब न होते, तो हम नहीं जानते कि दलितों की स्थिति क्या होती। उनके बिना दलितों के लिए संघर्ष संभव नहीं हो पाता। बाबा साहेब ने देश का संविधान तैयार किया और संविधान के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र को मजबूत और सशक्त बनाया। बाबासाहेब के सपने को पूरा करने की जिम्मेदार हम सभी की है। एक दिन बाबासाहेब का सपना पूरा होगा। समानता आएगी, जाति व्यवस्था खत्म होगी और देश मजबूती से आगे बढ़ेगा।"
इस अवसर पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, "बाबा साहब के चरणों में नमन करती हूं, जिन्होंने आजादी के बाद भारत को नई दिशा दी और संविधान दिया, जिसके तहत आज दबे-कुचले लोग भी अपनी राजनीतिक भागीदार और सामाजिक सम्मान पा रहे हैं। सभी देशवासियों को अंबेडकर जयंती की ढेर सारी शुभकामनाएं देती हूं।
उन्होंने आगे कहा, "मैं देशवासियों से यह आग्रह करती हूं कि बाबासाहेब ने जो रास्ता बताया है, उस पर चलकर हम अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। मैं देख रही हूं कि गांव का व्यक्ति भी साहस के साथ देश के विकास में अपना सहयोग दे रहा है।"
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आज समानता और समरसता संसार को देने वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर और प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मनोज तिवारी ने कहा, "न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे संसार को अगर किसी ने समानता और समरसता का रास्ता दिखाया है, शोषित-पीड़ित और वंचित को उनका अधिकार दिलाया, तो वे हमारे बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर थे।"
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