बाबा बागेश्वर की 'सनातन एकता रथ यात्रा' को विहिप का समर्थन, श्रीराज नायर ने दी शुभकामनाएं
मुंबई, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने बागेश्वर धाम की 'सनातन एकता रथ यात्रा', भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप और मदरसों में शुक्रवार की छुट्टी को लेकर बयान दिया। उन्होंने बागेश्वर धाम के प्रयासों का समर्थन करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री के रुख का स्वागत किया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान से सहमति जताई।
बागेश्वर धाम की लखनऊ से अयोध्या तक प्रस्तावित 'सनातन एकता रथ यात्रा' पर श्रीराज नायर ने कहा कि बाबा बागेश्वर की यह पांचवीं पदयात्रा है, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू धर्म के अनुयायी और उनके भक्त शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर ने नशा मुक्ति, नक्सलवाद से मुक्ति, लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ अभियान चलाने और हिंदू विरोधी ताकतों का मुकाबला करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद इन उद्देश्यों का पूर्ण समर्थन करती है और आगामी यात्रा के लिए बाबा बागेश्वर को शुभकामनाएं देती है।
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों को भारत का आंतरिक मामला बताने और संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की बात को खारिज करने संबंधी रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए नायर ने इसे स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र गणतंत्र और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। देश अपने आंतरिक मामलों और घटनाक्रमों को स्वयं संभालने में सक्षम है। उन्होंने इस बात पर जोर देकर दिया कि किसी भी बाहरी ताकत को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप या अनावश्यक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
नायर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित घटनाक्रमों पर संज्ञान लेना भारत सरकार का विषय है। उन्होंने इस मामले में टिप्पणी नहीं करने के अमेरिकी विदेश मंत्री के रुख का स्वागत किया।
उत्तराखंड में मदरसों की शुक्रवार की छुट्टी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर नायर ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी स्कूल-कॉलेज और अन्य संस्थान रविवार को बंद रहते हैं, तो मदरसों में भी रविवार को ही छुट्टी होनी चाहिए। नायर ने कहा कि एक राज्य में अलग-अलग संस्थानों के लिए अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के रुख का समर्थन करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में विभिन्न समुदायों के लिए अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। यह संविधान की समानता की भावना से जुड़ा विषय है।
--आईएएनएस
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