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आयुष्मान भारत लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बदल रहा है: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को कुशल, करुणामय और सेवाभावी कार्यबल के माध्यम से भारत के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा एक स्वस्थ और विकसित राष्ट्र के दो स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में देश की यात्रा के लिए स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार, निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने और समर्पित स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता होगी।
 

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को कुशल, करुणामय और सेवाभावी कार्यबल के माध्यम से भारत के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा एक स्वस्थ और विकसित राष्ट्र के दो स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में देश की यात्रा के लिए स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार, निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने और समर्पित स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता होगी।

कोयंबटूर में जीकेएनएम ग्रुप कॉलेज ऑफ नर्सिंग का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस संस्थान को जीकेएनएम ग्रुप द्वारा प्रदत्त सार्वजनिक सेवा की लंबी परंपरा में एक और मील का पत्थर बताया। उन्होंने जी. कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पिछले कई दशकों में स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 1952 में स्थापित इसका 50 बिस्तरों वाला अस्पताल आज 750 बिस्तरों वाले बहु-विशेषज्ञता संस्थान में विकसित हो गया है और साथ ही साथ स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक अपने शैक्षिक प्रयासों का विस्तार कर रहा है।

नर्सिंग पेशे के महत्व पर जोर देते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि नर्सें केवल देखभाल करने वाली नहीं होतीं, बल्कि इससे कहीं बढ़कर होती हैं। उन्होंने कहा कि वे मरीजों को सुरक्षित, संरक्षित और देखभाल का एहसास कराती हैं। दवाओं के साथ-साथ उनकी करुणा और चिंता उपचार में अपरिहार्य भूमिका निभाती हैं। उन्होंने इस पेशे में आने वाले छात्रों से आग्रह किया कि वे आत्मविश्वास, करुणा, समर्पण और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करें और हमेशा अपने पेशे की गरिमा को बनाए रखें।

भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए वैश्विक मान्यता प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लगभग 44 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्राप्त हुआ है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवा और स्वास्थ्य सेवाओं के चल रहे डिजिटलीकरण से पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हो रही हैं।

उपराष्ट्रपति ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर जोर दिया और महिलाओं और बच्चों में एनीमिया को खत्म करने, स्वस्थ गर्भावस्था सुनिश्चित करने और शैशवावस्था से लेकर किशोरावस्था तक पोषण में सुधार के लिए समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने अंगदान और नेत्रदान के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की भी अपील की और इन्हें जीवन बचाने और आशा जगाने वाले नेक कार्य बताया।

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि जीकेएनएम समूह स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से इन आदर्शों को मूर्त रूप देता है, और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव उद्घाटित नर्सिंग महाविद्यालय सक्षम और दयालु स्वास्थ्य पेशेवरों का उत्पादन करेगा जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

उपराष्ट्रपति ने जीकेएनएम समूह के न्यासियों, प्रबंधन, संकाय, नर्सों, छात्रों और कर्मचारियों को बधाई दी और स्वास्थ्य सेवा एवं शिक्षा में उत्कृष्टता के माध्यम से समाज की सेवा करने के अपने मिशन में संस्था की निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि जी. कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटेबल ट्रस्ट शीघ्र ही एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करेगा जो सेवाभाव से परिपूर्ण कुशल चिकित्सा पेशेवरों का उत्पादन करेगा, जो सबसे गरीब और सबसे कमजोर लोगों की देखभाल के लिए प्रतिबद्ध होंगे।

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर; कुप्पुस्वामी नायडू चैरिटी ट्रस्ट फॉर एजुकेशन एंड मेडिकल रिलीफ के अध्यक्ष आर. गोपीनाथ; और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

--आईएएनएस

एमएस/