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अयोध्या : साधु-संतों की कांवड़ यात्रियों से गैर-हिंदुओं से सामान न खरीदने की अपील, मुस्लिम धर्मगुरुओं को आपत्ति

अयोध्या, 27 जुलाई (आईएएनएस)। काली सेना के अध्यक्ष आनंद स्वरूप महाराज के गैर हिंदुओं से कांवड़ का सामान नहीं खरीदने वाले बयान पर साधु-संतों ने सहमति जताई है। उन्होंने इसे सनातन धर्म की पवित्रता और शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है। दूसरी ओर, इस अपील पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने तीखी आपत्ति जताते हुए इसे देश को बांटने वाली सोच बताया है।
 

अयोध्या, 27 जुलाई (आईएएनएस)। काली सेना के अध्यक्ष आनंद स्वरूप महाराज के गैर हिंदुओं से कांवड़ का सामान नहीं खरीदने वाले बयान पर साधु-संतों ने सहमति जताई है। उन्होंने इसे सनातन धर्म की पवित्रता और शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है। दूसरी ओर, इस अपील पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने तीखी आपत्ति जताते हुए इसे देश को बांटने वाली सोच बताया है।

आध्यात्मिक गुरु विनयनानंद महाराज ने कहा, "पूरी सावधानी जरूरी है। सावन का महीना पूजा-अर्चना का पवित्र समय है और भगवान शिव को पवित्र जल चढ़ाने वाले भक्तों से धार्मिक नियमों का सख्ती से पालन करने की उम्मीद की जाती है। पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। अक्सर होटलों और खाने-पीने की जगहों पर परोसे जाने वाले भोजन में स्वच्छता और अशुद्धि को लेकर चिंताएं रहती हैं। इसलिए शुरू से ही सतर्क रहना बेहतर है।"

साकेत भवन के महंत सीता राम दास ने कहा, “महाराज ने बिल्कुल सही बात कही है। मैं सभी कांवड़ यात्रियों से अपील करता हूं कि वे अपनी यात्रा के दौरान पवित्रता और शुचिता बनाए रखें। सनातन धर्म में स्वच्छता और धार्मिक शुचिता का अत्यधिक महत्व है। यदि श्रद्धालु गैर-हिंदुओं से भोजन या अन्य सामान खरीदते हैं तो यात्रा की पवित्रता प्रभावित हो सकती है।”

तपस्वी छावनी के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने अपील का समर्थन करते हुए कहा कि यह सनातन धर्म की मर्यादा और पवित्रता की रक्षा के लिए है। कई बार ऐसी घटनाएं देखी गई हैं, इसलिए मुसलमानों से कोई भी सामान न खरीदने की अपील उचित है।

दूसरी ओर, मौलाना मुहिब्बे अली नईमी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “जो कोई भी ऐसे बयान देता है, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम, उसे देश का सच्चा शुभचिंतक नहीं माना जा सकता। ऐसी बातें देश को बांटती हैं और कमजोर करती हैं। यह अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ वाली सोच को दर्शाता है। इसलिए ऐसे बयानों के खिलाफ सख्त कानून होने चाहिए। कांवड़ यात्रा शुरू होते ही ऐसे बयान दिए जाते हैं। यह नफरत फैलाने वाले एजेंडे का हिस्सा है। धर्म के आधार पर किसी को कमतर नहीं समझना चाहिए। ईश्वर सभी को रोजी-रोटी देता है। हम सभी भारतीय हैं और यह देश हम सबका है। व्यापार का कोई धर्म नहीं होता। पूरी दुनिया एक-दूसरे पर निर्भर है, इसलिए ऐसे बयान देना गलत है।”

लखनऊ के शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि ऐसे लोगों को पहले देश छोड़कर पैदल चलना शुरू कर देना चाहिए। पेट्रोल-गैस मुस्लिम देशों से आता है। कांवड़ यात्रा धर्म है, लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता बंटवारे वाली है। अच्छे लोग मुसलमानों से सामान खरीदते भी हैं। ऐसे बयानों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम