अयोध्या राम मंदिर दान पात्र विवाद पर प्रकाश गुप्ता का बयान, 'गड़बड़ी गिनती के दौरान हुई'
अयोध्या, 13 जून (आईएएनएस)। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस पूरे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखीं। वहीं, आरोपी बताए जा रहे लवकुश तिवारी की दादी ने भी अपनी बात रखी है।
प्रकाश गुप्ता ने आईएएनएस से कहा कि मंदिर के दान काउंटर पर किसी भी श्रद्धालु से बिना रसीद के पैसा नहीं लिया जाता। जो भी राशि दान काउंटर पर जमा होती है, उसकी विधिवत रसीद दी जाती है। इसलिए दान काउंटर पर किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं है।
उन्होंने बताया कि विवाद दान पात्र में जमा होने वाले पैसों की गिनती से जुड़ा है। पहले मंदिर परिसर के भीतर ही दान पात्र में आए पैसों की गिनती की जाती थी। इसके लिए रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों को बुलाया जाता था और ट्रस्ट की ओर से केवल एक व्यक्ति निगरानी के लिए मौजूद रहता था।
प्रकाश गुप्ता के अनुसार, गिनती का पूरा काम रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों के जिम्मे होता था और ट्रस्ट को इस बात का अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी अनियमितता हो सकती है। उन्होंने कहा कि आरोप है कि नोटों की गड्डियां तय संख्या से अधिक बनाकर गड़बड़ी की गई, लेकिन किसी को विश्वास नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है।
प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जो भी अनियमितता हुई है, वह दान काउंटर पर नहीं बल्कि दान पात्र से निकाले गए पैसों की गिनती के दौरान हुई है। उन्होंने बताया कि गिनती के लिए आने वाले लोग बैंक के स्थायी कर्मचारी नहीं थे, बल्कि बैंक द्वारा इस काम के लिए बुलाए जाते थे।
महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि महिपाल सिंह विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी रहे हैं। उन्हें नोटों की गिनती की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। यदि उन्होंने किसी गड़बड़ी की शिकायत की थी, तो उस पर समय रहते गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए था।
एसआईटी जांच के मुद्दे पर प्रकाश गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि ट्रस्ट का कोई व्यक्ति इस मामले में शामिल नहीं है, लेकिन बदनामी ट्रस्ट की हो रही है। ऐसे में एसआईटी जांच का स्वागत किया जाना चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए और जनता के बीच गया गलत संदेश दूर हो सके।
वहीं, आरोपी लवकुश तिवारी की दादी ने दावा किया कि कुछ लोग सादे कपड़ों में उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने घर में रखे बक्से के साथ तोड़फोड़ की और लवकुश तिवारी को अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि उस घटना के बाद से लवकुश वापस घर नहीं लौटा है।
--आईएएनएस
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