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अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ, परमहंस आचार्य बोले- सीएम योगी के नेतृत्व में मिला सुख, अब जनता की बारी

अयोध्या, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ संतों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य सहित अन्य संत मौजूद रहे। इस अवसर पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या ने नए कीर्तिमान बनाए हैं और जो खुशी जनता को मिली है, उसे बनाए रखने के लिए अब जनता की बारी है कि वह उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाए, ताकि दीपोत्सव और रामराज्य की स्थापना का कार्य ऐसे ही आगे बढ़ता रहे।
 

अयोध्या, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ संतों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य सहित अन्य संत मौजूद रहे। इस अवसर पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या ने नए कीर्तिमान बनाए हैं और जो खुशी जनता को मिली है, उसे बनाए रखने के लिए अब जनता की बारी है कि वह उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाए, ताकि दीपोत्सव और रामराज्य की स्थापना का कार्य ऐसे ही आगे बढ़ता रहे।

दीपोत्सव के अवसर पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, "यह रामनगरी अयोध्या का रामघाट है। यहां स्थित श्री तपस्वी जी की छावनी संतों की सबसे पुरानी और प्राचीन पीठों में से एक है। इसका इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि जब भगवान श्रीराम प्रकट हुए थे, तब यहां इतने साधु-संत एकत्र होते थे कि इसे संतों की छावनी कहा जाने लगा। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।"

उन्होंने कहा कि दीपावली का उत्सव अयोध्या से जुड़ा है। जब भगवान श्रीराम वनवास के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे थे, उस दिन लोगों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। इतने दीप जलाए गए कि तभी से दीपावली का उत्सव मनाया जाने लगा।

पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि बीच में एक ऐसा कालखंड आया, जब हमारी संस्कृति पर ग्रहण-सा लग गया था। चाहे वह मुगलों का काल रहा हो, ब्रिटिश शासन रहा हो या तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस, सपा आदि की सरकारें रही हों। लेकिन जब से भाजपा सत्ता में आई, तब से भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया गया। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद अयोध्या निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

उन्होंने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में जो खुशी मिली है, वह पूरे उत्तर प्रदेश, देश और दुनिया को मिली है। यह खुशी बनी रहे, इसलिए आज वैदिक विधि से दीपोत्सव की शुरुआत की गई है। बाकायदा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रंगोली बनाई गई और 'दीपोत्सव' लिखा गया।

पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि जनता से अपील है कि यह दीपोत्सव निरंतर चलता रहे। अब चुनाव भी आने वाले हैं। सीएम योगी ने जनता को खुशी दी है, अब जनता की बारी है कि उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाए, ताकि दीपोत्सव इसी प्रकार चलता रहे और रामराज्य की स्थापना का कार्य आगे बढ़ता रहे। इसी संकल्प के साथ आज रामनगरी के रामघाट से दीपोत्सव का शुभारंभ किया गया है।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टर पर तपस्वी जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, "अखिलेश यादव यादव सरनेम लगाते हैं, लेकिन उन्होंने कभी भगवान कृष्ण के बारे में नहीं बोला, कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण की बात नहीं की। अब अचानक हिंदुत्व, जाति, सनातन धर्म में रुचि या वोट हासिल करने की इच्छा जाग गई है। समझना मुश्किल है। इस बयान के पीछे उनकी मंशा क्या है, ये वही बेहतर बता सकते हैं।"

--आईएएनएस

केके/डीकेपी