कस्टमर केयर के नाम पर 1.19 लाख की ठगी, दिल्ली पुलिस ने 4 साइबर जालसाजों को दबोचा
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। एक्सिस बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर नॉर्थ पुलिस स्टेशन ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये ठग वर्चुअल नंबर और थर्ड पार्टी पेमेंट ऐप चेक के जरिए लोगों के क्रेडिट कार्ड से पैसे उड़ाते थे।
16 जुलाई 2026 को यश शर्मा नामक एक व्यक्ति को कॉल आया। कॉलर ने खुद को एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड अधिकारी बताया और कहा कि उनके कार्ड पर 2,499 रुपए का एएमसी प्लान लगा है। जब पीड़ित ने इसे कैंसिल करने को कहा तो ठग ने कहा कि कस्टमर केयर से कॉल आएगा।
कुछ देर बाद एक कॉल आया, जो देखने में बिल्कुल बैंक के कस्टमर केयर नंबर जैसा था। आरोपी ने पीड़ित को भरोसे में लेकर चेक ऐप डाउनलोड करवाया और नया कार्ड जारी करने के बहाने यूपीआई आईडी पर पेमेंट करने को कहा। इस तरह तीन ट्रांजेक्शन में कुल 1,19,837 रुपए की ठगी कर ली गई। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने नकली सर्विस रिक्वेस्ट नंबर 102462421 भी दिया और कहा कि 4 घंटे में नया कार्ड एक्टिवेट हो जाएगा।
जब कार्ड नहीं आया तो पीड़ित ने असली कस्टमर केयर से संपर्क किया, तब ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत कार्ड ब्लॉक कर साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत संख्या 30807260059157 दर्ज कराई, जिसके बाद पीएस साइबर नॉर्थ में ई-एफआईआर 00193/26 दर्ज हुई।
डीसीपी नॉर्थ निहारिका भट्ट की देखरेख और एडिशनल डीसीपी पुखराज कमल गुप्ता व राम दुलेश मीणा के मार्गदर्शन में एसीपी विशेष धत्तरवाल और एसएचओ रोहित गहलोत की टीम ने जांच शुरू की। टीम में इंस्पेक्टर मनोज और कांस्टेबल सतपाल भी शामिल थे।
जांच में पता चला कि ठगों ने एक एप्लिकेशन से वर्चुअल नंबर बनाए थे, जो बैंक के नंबर जैसे दिखते थे। चेक ऐप को नोटिस भेजने पर एक पैन कार्ड का पता चला जो प्रिंस कुमार के नाम पर था, जिससे कोटक महिंद्रा बैंक का खाता जुड़ा था। इस खाते में 5-7 दिनों में 12 लाख से ज्यादा के संदिग्ध लेन-देन मिले।
इसी ट्रेल पर काम करते हुए पुलिस ने 15 सितंबर को पहला आरोपी प्रिंस कुमार (20) को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर विशाल तोमर (21 साल) और फिर विशाल राघव (27 साल) को अलीगढ़ से ही गिरफ्तार किया गया।
चौथा आरोपी संजय वर्मा (40 साल, उत्तम नगर) मूल रूप से संभल का रहने वाला है। उसने बताया कि 2024-25 में नोएडा में कॉल सेंटर में काम करते हुए उसकी मुलाकात विशाल राघव से हुई और वहीं से उसने ठगी का तरीका सीखा। बाद में उसने नोएडा में खुद का कॉल सेंटर खोला लेकिन पुलिस कार्रवाई के डर से बंद कर दिया। हाल ही में खिलौने की दुकान चलाते हुए उसने फिर से बॉबी और अवतार नामक साथियों के साथ मिलकर नया गैंग बनाया।
इस नेटवर्क में विशाल राघव बैंक अकाउंट अरेंज करता था, बॉबी और अवतार फर्जी सिम दिलाते थे, और संजय वर्मा कस्टमर केयर बनकर लोगों को फंसाता था। ठगी की रकम चेक ऐप के जरिए लेयर की जाती थी और फिर एटीएम से निकालकर 30 प्रतिशत कमीशन पर बांट ली जाती थी।
पुलिस ने 8 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें से एक के आईएमईआई से 32 अन्य शिकायतें जुड़ी मिली हैं, जो बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है। दो फरार साथियों बॉबी और अवतार की तलाश जारी है।
--आईएएनएस
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