ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों के नेताओं के साथ मंत्री प्रताप सरनाईक की अहम बैठक
मुंबई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में यात्री परिवहन सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल शुरु होने जा रही है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों के नेताओं के साथ एक अहम बैठक बुलाई है।
जानकारी के अनुसार इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन ड्राइवरों के लिए “व्यावहारिक मराठी” परीक्षा लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा करना है, जो राज्य में परिवहन सेवाओं के लिए लाइसेंस प्राप्त करना चाहते हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों और ड्राइवरों के बीच संवाद में कोई बाधा न आए। महाराष्ट्र जैसे बहुभाषी राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे ड्राइवर हैं जो अन्य राज्यों से आकर काम करते हैं और मराठी भाषा में पारंगत नहीं होते। ऐसे में यात्रियों को कई बार संवाद संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बैठक में प्रमुख यूनियन प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें संजय निरुपम और शशांक राव जैसे नाम प्रमुख हैं। इन नेताओं के साथ सरकार इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी, जिनमें भाषा परीक्षा की आवश्यकता, उसका प्रारूप और इसे लागू करने की प्रक्रिया शामिल होगी।
बताया जा रहा है कि बैठक में यह भी विचार किया जाएगा कि जो ड्राइवर मराठी भाषा नहीं जानते, उनके लिए इसे सीखना किस प्रकार आसान बनाया जा सकता है। सरकार की ओर से भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम, अल्पकालिक कोर्स और डिजिटल माध्यमों के जरिए सीखने की सुविधा उपलब्ध कराने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है।
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूनियन नेताओं का मानना है कि यह कदम स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी है, वहीं कुछ अन्य इसे ड्राइवरों पर अतिरिक्त बोझ के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि पहले से ही लाइसेंस प्रक्रिया जटिल है और इसमें एक और अनिवार्यता जोड़ने से नए ड्राइवरों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
यूनियन के लोगों के अनुसार इस बैठक के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सरकार इस प्रस्ताव को किस रूप में लागू करेगी। यह मुद्दा न केवल भाषा बल्कि रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन से भी जुड़ा हुआ है, ऐसे में सभी पक्षों की सहमति बनाना सरकार के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।
--आईएएनएस
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