ऑडियंस से जुड़ना जरूरी, लेकिन लाइन पार नहीं करनी चाहिए : अमृता बागची
मुंबई, 21 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री अमृता बागची इन दिनों वेब सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' में अपनी जबरदस्त परफॉर्में को लेकर सुर्खियों में हैं। अभिनेत्री का मानना है कि जब आप कोई किरदार निभाते हैं, तो आप उसकी दुनिया को जीते हैं।
अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि जब कोई एक्टर किरदार निभाता है, तो उस किरदार के हालातों के हिसाब से रिएक्ट करता है। उन्होंने कहा, "जब आप किसी किरदार के कपड़े पहनते हो, तो उसके आर्थिक, सामाजिक, जेंडर, प्रोफेशन या बिल्कुल अलग दुनिया में पहुंच जाते हो। एक्टिंग से आपको नए मौके मिलते हैं। बड़े लेवल पर देखें तो एक्टिंग का एक्सपीरियंस फिल्ममेकिंग में भी बहुत मदद करता है।"
उन्होंने कहा, "जब आप एक एक्टर की तरह सेट को एक्सपीरियंस करते हो, तो समझते हो कि डायरेक्टर की बात एक्टर कैसे सुनता और समझता है। ये भी समझ आता है कि एक्टर को कैसे डायरेक्ट करना चाहिए। आपको समझ आता है कि क्या चीज मदद करती है, सेट के लेवल में डायरेक्टर को कहां खड़ा होना चाहिए और सेट पर कैसा बराबरी वाला माहौल होना चाहिए। ये भी समझ आता है कि जरूरी और कम समय वाले सीन में कंट्रोल कैसे रखना है और काम कैसे जल्दी निपटाना है। मैंने ये सारी चीजें एक्टर के तौर पर देखी हैं और अब डायरेक्टर के तौर पर उन्हें अपनाने की कोशिश करती हूं।"
अभिनेत्री ने बताया, "पहले मैं सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं रहती थी, लेकिन अब मुझे एक परफॉर्मर के तौर बहुत प्यार मिल रहा है। शॉर्ट समेत मैंने कई फिल्मों में काम किया, जिन्हें दर्शकों की तरफ से भरपूर प्यार मिला है। मुझे अब समझ आया है कि जो लोग मेरा काम देख रहे हैं, उनसे जुड़ना जरूरी है। मुझे लगता है इसकी उम्मीद भी की जाती है, लेकिन इसके साथ-साथ मैं इसे जरूरत से ज्यादा नहीं करना चाहती। क्योंकि ऑडियंस से जुड़ने और घमंड करने के बीच बहुत बारीक लाइन होती है।"
उन्होंने आगे कहा, "ऑडियंस से जुड़ना और उनसे बातचीत करना अच्छी बात है, लेकिन अगर आप उस लाइन को पार कर जाते हो और हर वक्त खुद को ही सेंटर में रख देते हो, तो कभी-कभी आपकी फोटो ही आपकी कहानी न बन जाए। इससे मैं बचना चाहूंगी।"
--आईएएनएस
एनएस/एबीएम
