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असम: विश्वनाथ चरियाली में आरएसएस कार्यकर्ताओं ने निकाला मार्च-पास्ट, दिखा उत्साह और जोश

विश्वनाथ चरियाली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के विश्वनाथ चरियाली में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शताब्दी के उपलक्ष्य में एक वार्षिक मार्च-पास्ट आयोजित किया गया। संगठन की शताब्दी यात्रा के इस विशेष अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों में अभूतपूर्व उत्साह और जोश देखा गया। इस कार्यक्रम में उप-मंडल के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पारंपरिक गणवेश (यूनिफॉर्म) पहनकर भाग लिया और शहर में एक अनुशासित मार्च-पास्ट के रूप में परेड की।
 

विश्वनाथ चरियाली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के विश्वनाथ चरियाली में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शताब्दी के उपलक्ष्य में एक वार्षिक मार्च-पास्ट आयोजित किया गया। संगठन की शताब्दी यात्रा के इस विशेष अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों में अभूतपूर्व उत्साह और जोश देखा गया। इस कार्यक्रम में उप-मंडल के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पारंपरिक गणवेश (यूनिफॉर्म) पहनकर भाग लिया और शहर में एक अनुशासित मार्च-पास्ट के रूप में परेड की।

एक आरएसएस कार्यकर्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि 1925 में विजयादशमी के दिन स्थापित यह ऐतिहासिक संगठन 2025 में विजयादशमी के अवसर पर अपने गौरवशाली सौ वर्ष पूरे कर चुका है। अब अपने 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक शताब्दी वर्ष के महत्व को समझते हुए, महालया और विजयादशमी के साथ-साथ, विश्वनाथ चरियाली में यह विशेष मार्च-पास्ट अनुशासित और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित किया गया।

एक अन्य संघ कार्यकर्ता ने कहा कि मुझे इस संगठन से जुड़े हुए लगभग 55 साल हो चुके हैं। मैं 1971 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हूं। 1972 में मुझे हमारे 'गुरुजी' से भी मिलने का अवसर मिला था।

उन्होंने कहा कि पिछले साल विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे हुए थे। अभी संघ के गठन का 101वां साल चल रहा है। इस अवसर पर पूरे एक साल चले कार्यक्रम का समापन हुआ है। आज महालया के दिन हमने एक मार्च निकाला है। हमारा आज का संदेश यही है कि पूरे विश्व के हिंदू सभी एक हैं।

--आईएएनएस

डीसीएच/