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असमः निलंबन विवाद के बीच धुबरी कांग्रेस ने अनुशासनात्मक समिति में किया फेरबदल

धुबरी, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। असम में 4 मई को होने वाली मतगणना से ठीक पहले धुबरी जिला कांग्रेस कमेटी ने अपने अनुशासनात्मक समिति का पुनर्गठन किया है। यह कदम पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 45 सदस्यों को छह साल के लिए निलंबित करने के कुछ ही दिनों बाद उठाया गया है।
 
असमः निलंबन विवाद के बीच धुबरी कांग्रेस ने अनुशासनात्मक समिति में किया फेरबदल

धुबरी, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। असम में 4 मई को होने वाली मतगणना से ठीक पहले धुबरी जिला कांग्रेस कमेटी ने अपने अनुशासनात्मक समिति का पुनर्गठन किया है। यह कदम पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 45 सदस्यों को छह साल के लिए निलंबित करने के कुछ ही दिनों बाद उठाया गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 23 अप्रैल को जारी एक आदेश में सात सदस्यीय नई अनुशासनात्मक समिति के गठन की घोषणा की गई है, जिसमें हारुन-अल-रशीद को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कमाल हुसैन, अबेदुर रहमान, सहनूर इस्लाम, एसके सोफीकुल अहमद और नारायण देवनाथ को सदस्य जबकि रोसुल हक को संयोजक बनाया गया है। यह अचानक पुनर्गठन विवादास्पद निलंबन निर्णय के तुरंत बाद हुआ है, जिससे जिले में पार्टी के आंतरिक घटनाक्रमों को नई गति मिली है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि सामूहिक निलंबन और समिति में फेरबदल जैसे इन दोहरे कदमों के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। विश्लेषकों का मानना ​​है कि चल रही आंतरिक कलह धुबरी की कई विधानसभा सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती है। मतगणना का दिन नजदीक आने के साथ ही, इन घटनाक्रमों ने जिले में कांग्रेस पार्टी की संगठनात्मक स्थिरता और चुनावी संभावनाओं को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है।

इससे पहले असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने राज्य में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए सात विशेष टीमें गठित की हैं। एपीसीसी के महासचिव और असम के प्रभारी जितेंद्र सिंह और एपीसीस के अध्यक्ष गौरव गोगोई की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, उन जिलों में टीमें तैनात की जाएंगी, जहां 9 अप्रैल को चुनाव हुए थे। हर टीम स्ट्रॉन्गरूम का निरीक्षण करेंगी, जहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) रखी हैं।

इसके अलावा पार्टी के उम्मीदवारों के साथ तालमेल बिठाना और जिला कांग्रेस समितियों के साथ नियमित रूप से बातचीत करेंगी। ऊपरी असम में देबब्रत सैकिया, राजू साहू, उत्पल गोगोई, राजकुमार नलातिरा नियोग, डेविड फुकन और मृत्युंजय दुवाराह की एक टीम तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जैसे जिलों की निगरानी करेगी।

उत्तरी तट क्षेत्र के लिए, रिपुन बोरा, घाना बुरहागोहेन, जे.पी. दास, शैलेन सोनोवाल, कार्तिक कुर्मी, शंकर कुतुम और मेघनाथ छेत्री जैसे नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसी तरह, निचले असम, बराक घाटी और बोडोलैंड क्षेत्रीय क्षेत्र (बीटीआर) के लिए भी वरिष्ठ और क्षेत्रीय नेताओं वाली खास टीमें तैनात की गई हैं, ताकि तालमेल में कोई कमी न रहे।

--आईएएनएस

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