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असम में गो-चोरी और तस्करी पर शिकंजा, जनवरी से अब तक 425 केस दर्ज

गुवाहाटी, 21 मई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में पशु तस्करी और गो चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि असम सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं।
 
असम में गो-चोरी और तस्करी पर शिकंजा, जनवरी से अब तक 425 केस दर्ज

गुवाहाटी, 21 मई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में पशु तस्करी और गो चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि असम सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी 2026 से अब तक राज्य में गो-चोरी और पशु तस्करी के मामलों में 856 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 425 मामले दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान 4355 मवेशियों को बरामद किया गया, जबकि 2980 किलोग्राम से ज्यादा बीफ भी जब्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पशु तस्करी, गो-चोरी और अवैध बीफ कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहार को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह कार्रवाई 1 जनवरी से 19 मई 2026 के बीच की गई है। असम पुलिस और अन्य एजेंसियां राज्य में पशु तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।

इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि राज्य सरकार आने वाले विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पेश करने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार असम में यूसीसी कानून लाने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है और विश्वास जताया कि यह बिल विधानसभा में पारित हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधानसभा सत्र में हम समान नागरिक संहिता बिल लाएंगे और हम इसे पारित करेंगे। यह हमारी उन पुरानी प्रतिबद्धताओं में से एक थी कि अगर मैं मुख्यमंत्री बना तो हम पहले ही सत्र में यूसीसी पारित करेंगे। हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी