असम बाढ़: फ्रांस बोला, 'इस कठिन घड़ी में हम खड़े हैं आपके साथ'
गुवाहाटी/नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। असम में आई भीषण बाढ़ ने राज्य के लाखों लोगों के जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। इस मानवीय संकट पर भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथौ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए असम के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
थियरी माथौ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पोस्ट को शेयर करते हुए कहा कि असम में आई विनाशकारी बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। साथ ही, लापता लोगों के सुरक्षित मिलने और प्रभावित लोगों के शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में "फ्रांस, इस कठिन समय में असम के लोगों के साथ खड़ा है।"
सोमवार को नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं। सोमवार को पोस्ट में लिखा, 'असम में आई भीषण बाढ़ पीड़ित सभी परिवारों और समुदायों के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं। इस मुश्किल समय में इजरायल, असम और भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और पीड़ितों के लिए हिम्मत और सुरक्षा की कामना करता है।'
असम के मुख्यमंत्री ने 28 जुलाई को बाढ़ की स्थिति पर अपडेट साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार लगातार अधिक प्रभावित इलाकों तक पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। करीब 71 हजार लोगों को रिलीफ कैंप्स तक पहुंचा दिया गया है वहीं पीड़ितों की मदद के लिए 1690 राहत वितरण केंद्र चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
उनके अनुसार, प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और अन्य एजेंसियां समन्वित तरीके से राहत एवं पुनर्वास कार्यों को पूरी गति से आगे बढ़ा रही हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इससे पहले 27 जुलाई को उन्होंने अपनी पोस्ट में (जिसे फ्रांसीसी राजदूत ने साझा किया) लिखा था कि पिछले दिन की तुलना में राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, क्योंकि बचाव दल दूरदराज के क्षेत्रों से लोगों को निकालने में सफल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राहत सामग्री के वितरण को और प्रभावी बनाने के लिए राहत वितरण केंद्रों की संख्या में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
सीएम ने जो आंकड़ा शेयर किया है, उसके अनुसार, 29 अप्रैल 2026 से 27 जुलाई (रात 11 बजकर 59 मिनट) प्राकृतिक आपदा का असर 25 जिलों पर पड़ा है। 2157 गांव इसकी चपेट में आए और 66 लोगों की मौत हो गई जबकि 8 लोग अब भी लापता हैं।
--आईएएनएस
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