एशियन गेम्स: भारतीय महिला रग्बी सेवंस टीम ने साई कोलकाता कैंप में शुरू किया तैयारी चरण, जानिए कब से होंगे मुकाबले?
कोलकाता, 9 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय सीनियर महिला रग्बी सेवंस टीम ने 'एशियन गेम्स 2026' की तैयारियों के अहम चरण की शुरुआत कोलकाता स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के नेताजी सुभाष ईस्टर्न सेंटर में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के साथ की। साल्ट लेक स्थित यह केंद्र बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले भारतीय रग्बी टीम का प्रमुख प्रशिक्षण आधार रहा है।
भारतीय महिला टीम 1 से 3 अक्टूबर तक नागोया के पालोमा मिजुहो रग्बी स्टेडियम में महिला रग्बी सेवंस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। भारत को 'पूल-बी' में मौजूदा चैंपियन चीन, हांगकांग चीन और मलेशिया के साथ रखा गया है।
बुधवार को साई कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच टेरेंस जोसेफ ने भरोसा जताते हुए कहा, "एशियन गेम्स हमारे लिए एक बड़ा टूर्नामेंट है। हम टीम की बारीकियों और निरंतरता पर ध्यान दे रहे हैं। बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि हम जापान में अपनी योजनाओं को कैसे लागू करते हैं। साई कोलकाता भारतीय रग्बी टीम का घरेलू केंद्र रहा है। हम पिछले तीन वर्षों से यहां कैंप लगा रहे हैं।"
बुधवार को साई कोलकाता के रीजनल डायरेक्टर शिबानंद मिश्रा, कोच टेरेंस, कप्तान शिखा यादव, उप-कप्तान डुमिनी मारंडी और एसएंडसी विदेशी कोच कियानो फौरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया।
भारतीय महिला रग्बी सेवंस टीम की कप्तान शिखा यादव ने कहा, "हम एशिया रग्बी सेवंस सीरीज में हालिया शानदार प्रदर्शन के फॉर्म और निरंतरता को एशियन गेम्स में भी बनाए रखना चाहते हैं। खुद पर अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय, हम जमीन से जुड़े रहना चाहते हैं, तय तरीके का पालन करना चाहते हैं और बुनियादी बातों पर ध्यान देना चाहते हैं।"
एशियन गेम्स 2022 में भारतीय टीम में शामिल शिखा, डुमिनी, कल्याणी पाटिल, वैष्णवी पाटिल, मामा नायक और संध्या राय एशियन गेम्स 2026 के लिए चुनी गई टीम का भी हिस्सा हैं।
एशियन गेम्स 2022 से पहले भी साई कोलकाता के सेंटर का इस्तेमाल किया गया था, जहां महिला टीम सातवें स्थान पर रही थी। 24 सितंबर तक चलने वाले इस कैंप का मकसद दौरे पर जाने वाली मुख्य टीम को अंतिम रूप देना और महाद्वीप की कुछ सबसे मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने के लिए जरूरी रणनीतिक बारीकियों को बेहतर बनाना है।
साई कोलकाता के रीजनल डायरेक्टर शिबानंद मिश्रा ने कहा, "साई कोलकाता ने भारतीय रग्बी टीम को सभी जरूरी सुविधाएं, स्पोर्ट्स साइंस और अन्य सहायता उपलब्ध कराई है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि भविष्य में भी हम पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए एक आधार बने रहेंगे। रग्बी फेडरेशन के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। हम मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि पुरुष और महिला दोनों टीमों को उच्च-गुणवत्ता वाली ट्रेनिंग सहायता मिले।"
आइची-नागोया गेम्स से पहले, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मंजूरी से 19.8 लाख रुपए की लागत वाले नेशनल कोचिंग कैंप में कुल 20 खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। भारत सरकार ने आइची-नागोया के लिए 35 खेलों में 492 भारतीय एथलीट्स के दल को मंजूरी दी है, जिसमें महिला रग्बी टीम में 13 एथलीट शामिल हैं। मौजूदा टीम को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता और बेहतर ढंग से तैयार किए गए हाई-परफॉर्मेंस माहौल का फायदा मिल रहा है।
भारतीय महिला रग्बी सेवंस ने एशियन गेम्स 2010 में डेब्यू किया था, जब भारत ने अपनी पहली आधिकारिक राष्ट्रीय महिला सेवंस टीम उतारी थी। इसके बाद साल 2014 और 2018 के एडिशन में हिस्सा न ले पाने के बाद, टीम 2022 में हांगझू लौटी और सातवें स्थान पर रही।
एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय महिला रग्बी टीम: अमनदीप कौर, गुड़िया कुमारी, उज्ज्वला घुगे, पारबती हंसदा, आरती कुमारी, डुमुनी मरांडी, वैष्णवी दत्तात्रेय पाटिल, कल्याणी कृष्णत पाटिल, संध्या राय, निर्मल्या राउत, भूमिका शुक्ला, संध्यारानी टुडू, शिखा यादव।
--आईएएनएस
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