अशोक सिंघल का विजन राम मंदिर तक सीमित नहीं था, अभी बहुत काम बाकी : केशव प्रसाद मौर्य
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के शताब्दी समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत भारतीय जनता पार्टी के कई नेता शामिल हुए। इस मौके पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अशोक सिंघल का विजन सिर्फ श्री राम जन्मभूमि मंदिर बनाने तक सीमित नहीं था, देश के विकास के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
अशोक सिंघल के शताब्दी समारोह पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "आज के कार्यक्रम में मंच से जो कुछ भी कहा गया, उसका बहुत गहरा मतलब था। हम सभी अपने अंदर परम पूज्य अशोक सिंघल की यादों को संजोए हुए हैं। उनका विजन सिर्फ श्री राम जन्मभूमि मंदिर बनाने तक ही सीमित नहीं था, देश के विकास के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।"
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, "अशोक सिंघल राम जन्मभूमि आंदोलन की जान थे। जिस तरह उन्होंने यह पूरा आंदोलन खड़ा किया, इसके लिए लड़े, लाठीचार्ज झेले, लेकिन कभी अपने विश्वास को डगमगाने नहीं दिया। मुझे याद है उन्होंने मुझसे कहा था, 'रवि, अब तुम खुद इस केस पर बहस करो।' मेरा उनसे बहुत प्यार था और वह पटना में मेरे घर पर रुकते थे। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि मैं रुकूंगा। मैंने अपने सारे केस अलग रख दिए, पार्लियामेंट छोड़ दी और इस केस की तैयारी के लिए पार्टी से छुट्टी ले ली।"
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रेसिडेंट आलोक कुमार ने कहा कि हम गरबा में किसी गैर-हिंदू को आने नहीं देंगे। हम यह वैसे ही कह रहे हैं जैसे मुसलमान मक्का के बारे में कहते हैं। मक्का पर्यटन की जगह नहीं है, यह उनका धार्मिक स्थल है, इसलिए वहां सिर्फ मुसलमान ही जा सकते हैं। गरबा मनोरंजन नहीं है, यह देवी की भक्ति में उनके चारों ओर किया जाने वाला डांस है। इस पर सवाल क्यों उठाया जाना चाहिए? रामलीलाएं हो रही हैं, हम भगवान राम को याद करेंगे, हम देवी काली को याद करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि हम काली के उस रौद्र रूप को याद करेंगे, जो इंसानी खोपड़ियों की माला पहनती हैं और दुश्मनों का नाश करती हैं। हम इसके लिए कहीं भी माफी नहीं मांग रहे हैं। अपने समाज की रक्षा के लिए, हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे।
वीएचपी अध्यक्ष ने कहा कि हमें अशोक सिंघल स्मरण हैं। वे संघ के प्रचारक थे। राम जन्मभूमि उनकी जिंदगी का एक अहम हिस्सा था। इसके अलावा उन्होंने पूरी जिंदगी हिंदू संगठन, हिंदू मजबूती और हिंदू मूल्यों के लिए काम किया। वे भारत में वेद, संस्कृत और गोरक्षा जैसे कामों के लिए भी पूरी तरह समर्पित थे।
वीएचपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अनुसूचित जाति के एक भाई से राम जन्मभूमि मंदिर की नींव रखवाई। अपने संघर्ष से उन्होंने हिंदू समाज को वीरता और तेज दिए। इस पूरे साल इन कोशिशों को आगे बढ़ाते हुए, हम भारत को राम राज्य की ओर ले जाने का संकल्प लेते हैं।
अशोक सिंघल के शताब्दी समारोह पर साध्वी इशिका ने कहा कि मैं इस इवेंट का हिस्सा बनकर और इतना कुछ सीखकर सच में बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं। जैसा कि माननीय राष्ट्रपति ने कहा, अशोक सिंघल जी ज्ञान, परंपरा, संघर्ष और सेवा के त्रिवेणी संगम की तरह थे। मुझे लगता है कि हम युवाओं ने आज बहुत कुछ सीखा कि उन्होंने राम सेतु को कैसे बचाया, हमें राम जन्मभूमि कैसे वापस मिली। हम बहुत कुछ सीख रहे हैं।"
--आईएएनएस
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