अशोक पंडित ने राघव चड्ढा पर साधा निशाना, बोले-पहले तो चुप रहे, अब फैसले पर सवाल क्यों
मुंबई, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता राघव चड्ढा को पद से हटा दिया है। इस मुद्दे पर मशहूर निर्देशक अशोक पंडित ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राघव चड्ढा पर चुप रहने और सत्ता की भूख का आरोप लगाया। निर्देशक ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया।
इस वीडियो में निर्देशक कहते हैं कि यह सुनकर उन्हें अजीब नहीं लग रहा है क्योंकि आम आदमी पार्टी पहले भी कई लोगों को निकाल चुकी है। वे कहते हैं, "राघव चड्ढा को पार्टी ने हटा दिया है। पार्टी का कहना है कि राघव पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। यह फैसला अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर किया गया। अब केजरीवाल खुद उनसे सवाल पूछ रहे हैं।"
निर्देशक अशोक पंडित ने राघव से कहा कि आपको इस फैसले पर हैरानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसके जिम्मेदार तो आप खुद हैं। उन्होंने कहा, "आपकी पार्टी में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, शाजिया इल्मी, आशुतोष, कुमार विश्वास, मयंक गांधी, अंजलि दमानिया, सुखपाल सिंह खैरा जैसी बड़ी बड़ी हस्तियां निकाली गई थीं, तब आप चुप रहे थे। तब आपने कोई भी आवाज नहीं उठाई थी। उस समय आपने चुप रहने में भलाई समझी थी, क्योंकि आप सत्ता के भूखे थे।"
अशोक पंडित ने कहा, जो लोग पार्टी के मजबूत स्तंभ थे और जिन्होंने कभी विश्वासघात नहीं किया, जब उन्हें निकाला जा रहा था तो उस दौरान आपको कहना चाहिए था कि अगर इन्हें निकालोगे तो मैं भी इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया।"
उन्होंने आगे कहा, "उस समय तो आप चुपचाप रहे और राज्यसभा में बैठकर भाषण देते रहे और चर्चाओं का मजा लेते रहे। अब आपके साथ जब ये सब हुआ, तो आपको एहसास हुआ कि अरविंद केजरीवाल अराजकतावादी हैं। जब इतने लोग निकल रहे थे, तब आपको पहले क्यों नहीं लगा कि कुछ गड़बड़ है?"
उन्होंने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने तो उस व्यक्ति की भी इज्जत नहीं रखी, जो तुम सबको यहां तक लेकर आए। उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने तो अन्ना हजारे तक का करियर बर्बाद कर दिया, उनका आत्मविश्वास तोड़ दिया। अन्ना हजारे ने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की भलाई और समाज सेवा में लगा दी।
उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल अपना शीश महल बनवा रहे थे, तब भी आपने कोई आपत्ति नहीं जताई थी न कोई विरोध किया। उन्होंने कहा, "अगर आपने उस समय ‘शीश महल’ जैसी विवादित चीज पर आवाज उठाकर इस्तीफा दे दिया होता, तो आज आपकी इज्जत कहीं और होती।"
--आईएएनएस
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