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अशोक गहलोत के बयान पर आरपी सिंह का पलटवार, बोले- कांग्रेस इमरजेंसी की मानसिकता से बाहर नहीं निकली

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने अमेरिका-इजरायल के बीच बनी सहमति और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी इमरजेंसी की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है।
 
अशोक गहलोत के बयान पर आरपी सिंह का पलटवार, बोले- कांग्रेस इमरजेंसी की मानसिकता से बाहर नहीं निकली

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने अमेरिका-इजरायल के बीच बनी सहमति और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस आज भी इमरजेंसी की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है।

उन्होंने अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की सहमति का स्वागत करते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा तथा विश्व अर्थव्यवस्था को भी राहत मिलेगी।

आरपी सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम की दिशा में बनी सहमति से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई थी, जिसका असर तेल की कीमतों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा था।

उन्‍होंने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग जल्द खुलने से कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य होगी और इसका सकारात्मक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा।

कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर भी भाजपा प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें गहलोत ने कहा था कि यदि इंदिरा गांधी जीवित होतीं तो वह भाजपा जैसी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं। इस पर आरपी सिंह ने कहा कि इस तरह के बयान कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी आपातकाल (इमरजेंसी) की सोच से बाहर नहीं निकल पाई है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की मानसिकता रखती है। आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि वे देश में केवल अपनी पार्टी का अस्तित्व चाहते हैं और राजनीतिक विविधता को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।

समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान के उस विवादित बयान पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि देश का बहुसंख्यक समाज 'जहरीला' हो गया है। भाजपा प्रवक्ता ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जावेद अली खान को हिंदुत्व के मूल स्वरूप को समझने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी के प्रति घृणा या वैमनस्य का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सहिष्णुता, समावेशिता और सभी को साथ लेकर चलने की भावना का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय संस्कृति और हिंदुत्व की परंपरा त्याग, सहनशीलता और सामाजिक समरसता पर आधारित है, इसलिए इसे जहरीला कहना अनुचित और भ्रामक है।

वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा तृणमूल कांग्रेस की बागी नेता सायानी घोष पर की गई टिप्पणी को लेकर भी भाजपा नेता ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

इस पर आरपी सिंह ने कहा कि ओवैसी के बयान उनकी राजनीतिक सोच को दर्शाते हैं। ओवैसी उन परिस्थितियों को स्वीकार्य मानते हैं, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो, लोगों को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता न मिले और भय के माहौल में जीवन व्यतीत करना पड़े। सिंह ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक विविधता में विश्वास करती है तथा देश में सभी नागरिकों को अपनी बात रखने का समान अधिकार है।

ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा था, "एक आंख में काबा और दूसरी में मदीना, अब सब साथ बैठकर चाय पी रही हैं।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी