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आशा भोसले को याद कर भावुक हुए रजा मुराद, बोले-उन जैसी गायिका दोबारा नहीं होगी

मुंबई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज अभिनेता रजा मुराद ने गायिका आशा भोसले को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेता का मानना है कि आशा भोसले जैसी गायिका और कोई नहीं हो सकती हैं। उनकी सुरीली आवाज ने 60 साल से भी ज्यादा समय तक लोगों के दिलों पर राज किया है।
 

मुंबई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज अभिनेता रजा मुराद ने गायिका आशा भोसले को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेता का मानना है कि आशा भोसले जैसी गायिका और कोई नहीं हो सकती हैं। उनकी सुरीली आवाज ने 60 साल से भी ज्यादा समय तक लोगों के दिलों पर राज किया है।

अभिनेता ने गायिका आशा भोसले के साथ इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने गायिका के साथ मिलने के अनुभव को ताजा किया। रजा मुराद ने लिखा, "मेरी सबसे पसंदीदा गायिका दिवंगत आशा भोसले जी के साथ, जिन्होंने अपनी सुरीली आवाज से 60 साल से भी ज्यादा समय तक लाखों फैंस का दिल जीता। उनसे मिलना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। ऐसी अमर गायिका की जगह कोई नहीं ले सकता, उनकी आवाज में जादू था।"

बता दें कि आशा भोसले भारतीय सिनेमा की सबसे मशहूर प्लेबैक सिंगर्स में से एक थीं, जिन्होंने अपने रोमांटिक धुनों और जोशीले गानों से लेकर गजलों और क्लासिकल कंपोजिशन तक, दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाई।

उन्होंने बहुत कम उम्र में ही संगीत सीखना और गाना शुरू कर दिया था। वर्ष 1948 में फिल्म 'चुनरिया' के गीत 'सावन आया' से उन्होंने हिंदी सिनेमा में बतौर प्लेबैक सिंगर अपने सफर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्हें ऐसे गाने मिले जिन्हें अन्य गायिकाएं छोड़ देती थीं लेकिन उन्होंने अपनी अनोखी शैली और मेहनत से अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने शास्त्रीय संगीत (क्लासिकल), गजल, कैबरे, पॉप और रॉक जैसे हर संगीत प्रारूप में महारत हासिल की, जिनमें 'आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा', 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को' और 'इन आंखों की मस्ती' उनके ऐतिहासिक गीतों में शामिल हैं।

फिल्म 'उमराव जान' (1981) के गीत 'इन आंखों की मस्ती' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। सिंगर का 12 अप्रैल को सीने में इन्फेक्शन के बाद 92 साल की उम्र में निधन हो गया था।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम