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असामाजिक तत्वों के जरिए छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश, कांग्रेस मांगे माफी : गुलाम अली खटाना

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने संसद में गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। छात्रों के प्रदर्शन के बीच असामाजिक तत्वों के जरिए आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की।
 

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने संसद में गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। छात्रों के प्रदर्शन के बीच असामाजिक तत्वों के जरिए आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की।

आईएएनएस से बातचीत में भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए कि वे छात्रों के आंदोलन में असामाजिक तत्व क्यों लेकर गए और उसे हाईजैक करने की कोशिश क्यों की?

झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन में क्रिमिनल की एंट्री करवा दी और झारखंड के छात्रों से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं। वहां उनकी सरकार है तो बच्चों की बातों को सुनना चाहिए। झारखंड में भी बच्चे ही प्रदर्शन कर रहे हैं, कितने दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, क्या वे बच्चे नहीं है।

प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर गुलाम अली खटाना ने कहा कि छात्रों के आंदोलन से कांग्रेस डरी हुई है और जगह-जगह जाकर कार्यक्रम कर रहे हैं। ये छात्रों की गूंज कार्यक्रम नहीं बल्कि कांग्रेस का डर है। कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि जहां-जहां इनकी सरकार है, वहां पेपर लीक के खिलाफ क्या किया जा रहा है, इसका जवाब देना चाहिए।

मुंबई में जेन जी से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बातचीत पर उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हमेशा बच्चों के लिए, छात्रों के लिए, छात्रों के तनाव और नया चीजों के लिए हमेशा से चिंतित रही है।

बता दें कि शुक्रवार को दोपहर में कार्यवाही फिर से शुरू होने के तुरंत बाद लोकसभा में हंगामा और शोर-शराबा देखने को मिला। विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी की और गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी की मांग की।

यह हंगामा उस गतिरोध का ही एक हिस्सा था जिसके कारण सरकार और विपक्ष के बीच गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति को लेकर बने तनाव के चलते सदन की कार्यवाही कई दिनों से ठप पड़ी है।

दोपहर में जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो विपक्षी सदस्यों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद सोमवार तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम