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असम बाढ़: प्रभावित इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने शुरू की आईसीआर सुविधा

नई दिल्ली/गुवाहाटी, 22 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने आपातकालीन उपाय के तौर पर आईसीआर (इंट्रा सर्किल रोमिंग) सुविधा शुरू की है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता बेहतर हो सके।
 

नई दिल्ली/गुवाहाटी, 22 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने आपातकालीन उपाय के तौर पर आईसीआर (इंट्रा सर्किल रोमिंग) सुविधा शुरू की है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता बेहतर हो सके।

आईसीआर की सुविधा फिलहाल चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में लागू की गई है। इसके तहत अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के ग्राहक जरूरत पड़ने पर दूसरे ऑपरेटर के उपलब्ध नेटवर्क का उपयोग कर सकेंगे।

इसी बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बुधवार को चराइदेव, शिवसागर व जोरहाट जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे।

असम के कई इलाकों में बाढ़ से हालात बदतर हो चुके हैं। लगातार बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 16 जिलों में करीब 5.6 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से देर रात जारी बुलेटिन के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर जिले में पिछले 24 घंटों में 13 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद चराइदेव में पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

भारतीय सेना ने राज्य प्रशासन के अनुरोध पर 'ऑपरेशन जल राहत-3' शुरू किया है। सेना ने अब तक असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 150 लोगों को बचाया और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सुरक्षित निकाले गए इन लोगों में 73 पुरुष, 47 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं।

सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राहत और बचाव अभियान के लिए इंजीनियर टास्क फोर्स की सहायता ली जा रही है। विशेष दलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। ये दल बचाव, निकासी और मानवीय सहायता कार्यों में जुटे हैं।

--आईएएनएस

डीसीएच/