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सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस: राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने वीरों के साहस और बलिदान को किया सलाम

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
 
सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस: राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने वीरों के साहस और बलिदान को किया सलाम

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पूर्व सैनिक दिवस पर, मैं हमारे पूर्व सैनिकों की बहादुरी, समर्पण और बलिदान को सलाम करती हूं। उनका अटूट साहस हर भारतीय को प्रेरित करता रहता है। पूर्व सैनिक दिवस और सशस्त्र सेना झंडा दिवस जैसे मौके न सिर्फ हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के अवसर हैं, बल्कि उन्हें सार्थक समर्थन देने के भी मौके हैं। मुझे विश्वास है कि हमारे पूर्व सैनिक राष्ट्र के प्रति पूरी तरह समर्पित रहेंगे।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सशस्त्र सेना वेटरन्स डे पर पूर्व सैनिकों, सेवारत कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं, और सीमाओं की रक्षा करने और भारत की भावना को बनाए रखने के लिए उनके बलिदानों की सराहना की।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए कहा कि वह देश के पूर्व सैनिकों और वर्तमान में सेवा दे रहे सभी सैन्यकर्मियों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि इन वीरों का जीवन साहस, सम्मान और स्वयं से पहले राष्ट्र सेवा के संकल्प को समर्पित है।

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि संकल्प और अटूट विश्वास के साथ दिए गए उनके बलिदान हमारी सीमाओं की मजबूत ढाल हैं। ये बलिदान न केवल हमारे गणतंत्र की आत्मा की रक्षा करते हैं, बल्कि भारत की अटूट और शाश्वत भावना के सजीव प्रतीक भी हैं।

रक्षा मंत्री ने आगे कहा, "राष्ट्र की अपने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता शाश्वत है, और पूर्व सैनिकों, सेवारत कर्मियों और उनके परिवारों की गरिमा, कल्याण और भलाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पूर्ण, अटूट और दृढ़ रहेगी।"

सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस स्वर्गीय फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो 1953 में इसी दिन सेवानिवृत्त हुए थे। यह दिन भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले बहादुर सैनिकों को सम्मानित करने और पहचानने के लिए समर्पित है। इस दिन को मनाने के लिए देश भर में कई कार्यक्रम और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

--आईएएनएस

एसएके/एएस