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अल नीनो इफेक्ट के कारण बढ़ा नदी का जलस्तर, अर्जेंटीना में इगुआजु फॉल्स अस्थायी रूप से बंद

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना में भारी बारिश की वजह से इगुआजु नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध इगुआजु जलप्रपात के आसपास पर्यटकों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। प्रशासन ने यह कदम बाढ़ के खतरे और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया। नदी में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी अधिक हो गया था। हालांकि, जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट आने के बाद मंगलवार को पर्यटकों के लिए क्षेत्र दोबारा खोलने की घोषणा की गई।
 

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना में भारी बारिश की वजह से इगुआजु नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध इगुआजु जलप्रपात के आसपास पर्यटकों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। प्रशासन ने यह कदम बाढ़ के खतरे और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया। नदी में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी अधिक हो गया था। हालांकि, जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट आने के बाद मंगलवार को पर्यटकों के लिए क्षेत्र दोबारा खोलने की घोषणा की गई।

द ब्यूनस आर्यर्स मीडिया हाउस की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को इगुआजु नदी में पानी का बहाव 12,000 घन मीटर प्रति सेकंड से अधिक पहुंच गया था। सामान्य परिस्थितियों में यह बहाव इससे काफी कम रहता है। लगातार बारिश और नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी।

इगुआजु राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक जोस मारिया एर्वास ने कहा कि लगातार बारिश हो रही थी और नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित बांधों से पानी का बहाव भी कम नहीं हो रहा था। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी था।

प्रशासन ने बाद में बताया कि नदी के बहाव में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है और मंगलवार (स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे) से पर्यटकों के लिए क्षेत्र फिर खोला जाएगा। अधिकारियों ने जलस्तर और पर्यटक मार्गों की स्थिति पर नजर बनाए रखी।

इगुआजु जलप्रपात अर्जेंटीना और ब्राजील की सीमा पर स्थित है। लगभग 2,700 मीटर में फैला यह जलप्रपात दुनिया के सबसे बड़े और आकर्षक जलप्रपातों में गिना जाता है। इसे यूनेस्को ने भी विश्व के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों में शामिल किया है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

इस बार जलप्रपात के आसपास पर्यटकों की आवाजाही रोकने के पीछे अल नीनो से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अल नीनो प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक होने की जलवायु संबंधी घटना है। इससे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हवाओं, बारिश और मौसम के सामान्य पैटर्न में बदलाव आ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्ष 2026-27 का अल नीनो काफी शक्तिशाली हो सकता है। अर्जेंटीना के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान विभाग ने भी पिछले महीने देश के तटीय क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की थी। विभाग ने इन परिस्थितियों की तुलना मजबूत अल नीनो घटनाओं के दौरान होने वाली बारिश से की थी।

इगुआजु जलप्रपात क्षेत्र में इससे पहले भी अल नीनो के दौरान बाढ़ जैसी परिस्थितियां पैदा हुई थीं। वर्ष 2023 और 2024 में भी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अर्जेंटीना की ओर स्थित राष्ट्रीय उद्यान को बंद करना पड़ा था।

--आईएएनएस

केआर/