अर्जेंटीना के राजदूत कॉसिनो ने पायलट स्मित को बताया, 'भारत के साहस और कर्तव्य की भावना का प्रतीक'
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने पायलट स्मित मच्छार की जाबांजी को सलाम किया है। स्मित ने जान पर खेलकर 174 लोगों को मौत के मुंह से निकाला। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में उन्होंने अपनी जिंदगी की परवाह किए बिना इंसानियत की मिसाल कायम की। कॉसिनो ने कहा कि मच्छार "भारत के साहस और कर्तव्य की भावना का प्रतीक हैं।"
अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने गुरुवार को एक्स पर अपनी भावनाएं जाहिर की। उन्होंने कहा, "कैप्टन स्मित मच्छार भारत के साहस और कर्तव्य की भावना का प्रतीक हैं। पूरी तरह थक जाने और लगभग बेहोश होने की हालत में भी, उन्होंने कई बेगुनाह लोगों की जान बचाई और एक हीरो बन गए। उनके साहस और मिसाल को हमेशा याद रखा जाएगा।"
अपनी बात को विराम देते हुए उन्होंने अंत में कहा, "दुनिया को आप पर गर्व है।"
स्मित की बहादुरी को पूरी दुनिया सलाम कर रही है। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय मूल के पायलट की बहादुरी को सलाम किया। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी को मेरा सलाम।'' घायल पायलट को लेकर चिंता जताते हुए नेतन्याहू ने उनके 'जल्द और पूरी तरह ठीक होने' की कामना की और उन्हें 'सच्चा हीरो' भी बताया।
उन्होंने कहा कि इजरायली नागरिकों और दूसरे देशों के लोगों समेत 174 लोगों की जान बचाई जा सकी।
इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने भी भारतीय पायलट के साथ उन यात्रियों और क्रू मेंबर्स की तारीफ की, जिन्होंने खतरे को खत्म करने में मदद की। अजार ने 'एक्स' पर कहा, "दूसरे देशों के लोगों के साथ मैं भी फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के अनुभवी और प्रतिभाशाली भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं। वह एक हीरो हैं।"
बुधवार को दुबई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव के लिए उड़ान भर चुके यात्री विमान में सुबह अचानक ही हलचल मची थी। विमान अचानक ऊंचाई से नीचे की ओर जाने लगा। तभी पायलट मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। अंदर पहुंचे यात्रियों ने देखा की वो लहूलुहान पड़े थे। उन पर साथी पायलट ने कई बार चाकू से वार किया था।
इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द टाइम्स ऑफ इजरायल से बताया कि पायलट की हिम्मत ने बड़ी दुर्घटना टाल दी। वरना 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।
कैप्टन स्मित मूल रूप से गुजरात से हैं। अब दुबई में रहते हैं। उन्होंने चार साल पहले फ्लाईदुबई जॉइन किया था। इससे पहले वो स्पाइसजेट में भी काम कर चुके हैं।
--आईएएनएस
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