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'अराजकता में डूबने का एक और प्रमाण', अमित मालवीय ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

कोलकाता, 7 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आईटी सेल के प्रभारी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।
 
'अराजकता में डूबने का एक और प्रमाण', अमित मालवीय ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

कोलकाता, 7 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आईटी सेल के प्रभारी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर कर लिखा कि आज पश्चिम बंगाल में घटी घटनाओं से ममता बनर्जी सरकार के नेतृत्व में संवैधानिक ढांचे के पूर्ण पतन का संकेत मिलता है।

उन्होंने कहा कि एक दुर्लभ और अभूतपूर्व घटनाक्रम में, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिलीगुड़ी यात्रा के दौरान तैयारियों और प्रोटोकॉल के अभाव पर खुलकर नाराजगी व्यक्त की। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय संथाली सम्मेलन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसमें स्वयं राष्ट्रपति मुख्य अतिथि थीं।

भाजपा नेता ने कहा कि जब कोई राज्य सरकार भारत के राष्ट्रपति के पद की गरिमा का अनादर करने लगती है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि संवैधानिक मर्यादा और शासन व्यवस्था के पतन को भी उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि यह महज अभद्रता नहीं है। यह संस्थागत अनादर है और बंगाल में शासन व्यवस्था की अराजकता में डूबने का एक और प्रमाण है।

बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरान शनिवार को वह 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने दार्जिलिंग पहुंची, जिसके बाद वह सिलीगुड़ी उपमंडल के बिधाननगर पहुंची। यहां उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति नाराजगी जताई। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मुख्यमंत्री को मेरे साथ होना चाहिए था।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन है, लेकिन मैं देख रही हूं कि संथालियों को काउंसिल में आने से रोका जा रहा है। काउंसिल को देखकर लग रहा है कि यह संथाल काउंसिल का सम्मेलन ही नहीं है। मुझे लगता है कि कोई नहीं चाहता कि संथाली एकजुट हो, शिक्षित हो और मजबूत हो, लेकिन मैं जानती हूं कि संथालियों ने इस देश के लिए अपनी जिंदगी को न्यौछावर किया है।

--आईएएनएस

एमएस/