अराघची का दावा, 'अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध'
तेहरान, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान के प्रस्ताव को मान लिया है और इसके साथ ही कुछ और शर्तें जोड़ने का अनुरोध भी किया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने कहा कि ईरान के सात-दिवसीय प्रस्ताव को अमेरिका मानने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन उसने इसमें कुछ और शर्तें जोड़ने का अनुरोध किया है।
'अल-एखबरिया' टेलीविजन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू के हवाले से एजेंसी ने इसकी जानकारी दी। अराघची ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच राजनयिक बातचीत अभी भी जारी है।
उन्होंने कहा, "हमने पहले अमेरिकी पक्ष के सामने 'सात-दिवसीय योजना' प्रस्ताव रखा था, जिसमें हमने अपनी शर्तें स्पष्ट रूप से बता दी थीं। इस योजना की शर्त के मुताबिक छठे दिन 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह से फिर से खोल दिया जाना था। अमेरिकियों ने हमें बताया कि वे इन शर्तों को मानने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे इसमें कुछ और शर्तें भी जोड़ना चाहते हैं।"
अराघची ने दोहराया कि जब तक कोई समझौता या सहमति नहीं बन जाती, तब तक होर्मुज को सभी के लिए पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, "जहाजों और पोतों की आवाजाही के लिए वाशिंगटन को ईरान की शर्तें माननी होंगी।"
उन्होंने चेतावनी दी कि तब तक, इस स्ट्रेट और इसके मौजूदा रास्तों से होने वाले समुद्री यातायात में मुश्किलें बनी रहेंगी।
लाल सागर की घटनाओं में ईरान की संलिप्तता के आरोपों को विदेश मंत्री ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने तेहरान और लाल सागर (हूती) मामले के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, "लाल सागर का मुद्दा और वहां हो रही घटनाएं हमसे बिल्कुल भी जुड़ी नहीं हैं; उनकी अपनी अलग परिस्थितियां हैं।"
ईरान और अमेरिका के बीच हुए 14-सूत्रीय 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (एमओयू) के तहत, यह तय हुआ है कि वाशिंगटन को सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना होगा और ईरान पर लगाए गए अवैध प्रतिबंधों व घेराबंदी को हटाना होगा। इसके बदले में, तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को धीरे-धीरे फिर से खोल देगा।
--आईएएनएस
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