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अनुष्का रंजन ने सुनाई अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी, बोलीं-लगता था मेरी ही बॉडी में कमी है

मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री अनुष्का रंजन अपने पति-अभिनेता आदित्य सील के साथ नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में गई थीं, जहां उन्होंने आईवीएफ के दौरान आने वाली शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों के बारे में बात की।
 

मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री अनुष्का रंजन अपने पति-अभिनेता आदित्य सील के साथ नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में गई थीं, जहां उन्होंने आईवीएफ के दौरान आने वाली शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों के बारे में बात की।

दरअसल, नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में कपल अपने बच्चों के जन्म से पहले गए थे और यह शो रिकॉर्ड किया था। अनुष्का ने अपनी जर्नी के शुरुआती दिनों को याद किया और बताया कि वह और उनके पति आदित्य सील पहले नेचुरली कंसीव करने की कोशिश कर रहे थे।

अभिनेत्री अनुष्का रंजन ने बताया कि उन्हें 'आईयूआई' के बारे में सलाह दी गई थी, जो 'आईवीएफ' से कम मुश्किल प्रोसेस है लेकिन उसमें भी दवाइयां और इंजेक्शन लेने पड़ते हैं। अनुष्का रंजन ने कहा, "शुरुआत में हम नेचुरली बच्चे करने की कोशिश कर रहे थे और डॉक्टर्स ने भी हमें छह महीने या एक साल तक कोशिश करने की सलाह दी थी। फिर एक प्रोसेस होता है जिसे 'आईयूआई' कहते हैं, जो 'आईवीएफ' का हल्का वर्जन है। इसमें भी काफी दवाइयां लेनी पड़ती हैं लेकिन इंजेक्शन कम लेने पड़ते थे, 3 या 4 इंजेक्शन पर दवाइयां बहुत खानी पड़ती थीं। तो वो दवाइयां भी मुझे अजीब सा महसूस कराती थीं।"

अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने आखिर में आईवीएफ करवाने का फैसला क्यों किया। उन्होंने कहा, 'आईयूआई' के मुकाबले आईवीएफ में बच्चा कंसीव करने के चांज ज्यादा होते हैं लेकिन इस पूरी प्रोसेस में भावनात्मक असर बहुत पड़ता है। आपको लगने लगता है कि मेरी बॉडी में ही कुछ कमी है, कुछ तो गलत है। एक लड़की होने के नाते मुझे शराब नहीं पीनी चाहिए थी या नॉनवेज नहीं खाना चाहिए था। फिर शर्म भी आने लगी कि कैसे किसी को बताएं कि हम बच्चा प्लान कर रहे हैं।"

वहीं, अभिनेता आदित्य सील ने बताया कि इस प्रोसेस के दौरान अनुष्का रंजन शारीरिक दर्द और भावनात्मक तनाव से गुजर रही थीं, जिसे देखकर उन्होंने तय किया था कि अगर यह कोशिश कामयाब नहीं हुई, तो वे दोबारा आईवीएफ नहीं करवाएंगे।

कपल ने यह भी बताया कि उन्होंने गोद लेने का विकल्प भी रखा था। उनका मानना था कि अगर वे बायोलॉजिकली बच्चा पैदा नहीं कर पाए, तो भी वे किसी बच्चे को प्यार भरी और अच्छी जिंदगी देना चाहते हैं।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम