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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: किसानों का अनोखा अंदाज, भारत-पाक सीमा के पास ट्रैक्टरों पर बैठकर किया योग

जम्मू, 20 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में योग को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग अपने-अपने अंदाज में योगाभ्यास कर इस दिवस को मना रहे हैं। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट किसानों ने अनोखे अंदाज में योग किया। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर किसानों ने ट्रैक्टरों पर बैठकर योगाभ्यास किया और योग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
 
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: किसानों का अनोखा अंदाज, भारत-पाक सीमा के पास ट्रैक्टरों पर बैठकर किया योग

जम्मू, 20 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में योग को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग अपने-अपने अंदाज में योगाभ्यास कर इस दिवस को मना रहे हैं। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट किसानों ने अनोखे अंदाज में योग किया। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर किसानों ने ट्रैक्टरों पर बैठकर योगाभ्यास किया और योग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

किसान मोहम्मद आरिफ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "जैसे हमारे देश के नौजवान सरहदों में डटे हैं, वैसे ही हमारे किसान खेतों में डटे हुए हैं। आज योग दिवस के उपलक्ष्य पर हमारे सभी किसान भाईयों ने अपनी खेती-बाड़ी छोड़कर ट्रैक्टरों के साथ योग कर रहे हैं, क्योंकि किसान का असली साथी ट्रैक्टर ही है।"

उन्होंने कहा कि अगर किसी की बीमारी योग करने से ठीक होती है तो इससे बड़ी खिदमत क्या होगी। मोहम्मद आरिश ने आगे कहा, "हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान समेत सभी इस्लामिक देशों के लिए यही संदेश है कि वे भी योग को अपनाएं। योग एक इंसानियत का पैगाम है। यह मनुष्य की अच्छाई के लिए है। इसलिए सभी योगाभ्यास करें और निरोगी बनकर रहें।"

इस अवसर पर किसान मोहम्मद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, "जो भारत की पुरानी सभ्यता और परंपरा थी, उसको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाकर पीएम मोदी ने भारत का नाम ऊंचा किया है।"

सेवानिवृत्त कैप्टन हंसराज (सेना मेडल) ने भी योगाभ्यास को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "किसानों के पास समय बहुत काम होता है। जैसे अभी जो ट्रैक्टर वाले जितने भी हैं, यहां से इनको अपने काम पर चले जाना है और काम करते हुए यहां आए। वे आधा घंटा, एक घंटा अपने शरीर के लिए निकालते हैं। इन्होंने अपने समय को बरकरार करते हुए योग किया है और यहां से ये अपने काम पर चले जाएंगे।"

सेवानिवृत्त कैप्टन हंसराज ने कहा कि हम सभी ने मिलकर 'ट्रैक्टर पर योगा' करने का फैसला लिया था। उन्होंने कहा कि हम योग करेंगे और स्वस्थ रहेंगे, मानसिकता अच्छी होगी तो प्रेम भाव भी बढ़ेगा।

--आईएएनएस

डीसीएच/