आंतरिक मामलों पर टिप्पणी और धमकी भरी भाषा हमें स्वीकार नहीं: अफगानिस्तान
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अफगानिस्तान को लेकर कहा कि वह आतंकवाद का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है और वहां स्थित आतंकवादी समूहों पर हिंसा में तीव्र वृद्धि का आरोप लगाया। अब अफगानिस्तान की ओर से पाकिस्तान के इस आरोप पर पलटवार किया गया है।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफगानिस्तान के सरकारी और सामाजिक ढांचे के बारे में जो बयान दिए हैं, उनका न सिर्फ वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि वे एक जिम्मेदार सेना की स्थिति और मानकों के भी बिल्कुल विपरीत हैं।
बयान में कहा गया है कि इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान ऐसे गैर-जिम्मेदार और भड़काने वाले बयानों की कड़ी निंदा करता है और पाकिस्तान के संबंधित संस्थानों से अपील करता है कि वे आधिकारिक रुख की मर्यादा से हटकर अफगानिस्तान के खिलाफ बिना वजह का प्रचार करने के बजाय अपनी आंतरिक समस्याओं को हल करने पर ध्यान दें।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान एक आजाद और स्थिर देश है, जिसके पास एक मजबूत सुरक्षा ढांचा और सशक्त नेतृत्व है तथा यह अपने पूरे क्षेत्र पर पूर्ण संप्रभुता रखता है। उन्होंने जोर दिया कि अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों पर किसी भी तरह की टिप्पणी और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल अफगान लोगों को स्वीकार नहीं है।
इसके साथ ही यह भी कहा गया कि इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के संबंधित संस्थानों से दोनों देशों के बीच संबंधों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार रवैया अपनाने और सोच-समझकर बयान देने की अपील की है।
पाकिस्तान के मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका और अफगान तालिबान के बीच हुए दोहा समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस समझौते के तहत यह शर्त रखी गई थी कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंधित संगठन और आतंकवादी समूह अब अफगानिस्तान में बेरोकटोक सक्रिय हैं, जिससे यह देश क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बन गया है।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के पास अमेरिका के कई हथियार और सैन्य उपकरण मौजूद हैं, जिन्हें गुप्त रूप से बेचा जा रहा है और उनका गलत जगहों पर इस्तेमाल हो रहा है।
--आईएएनएस
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