अन्ना हजारे की किडनी में समस्या, मुंबई के अस्पताल के आईसीयू में चल रहा इलाज
मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को सोमवार को वायरल इन्फेक्शन, गंभीर डिहाइड्रेशन और किडनी की समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हजारे को बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और वह डॉ. गौतम भंसाली की देखरेख में इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में हैं।
इस वरिष्ठ गांधीवादी एक्टिविस्ट को उनके गांव के देखभाल करने वालों के साथ एम्बुलेंस में अस्पताल लाया गया। डॉ. भंसाली ने कहा कि हजारे की जांच चल रही है, जिसके बाद आगे का इलाज तय किया जाएगा।
हजारे 2011 में 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। उससे पहले, वह पूरे महाराष्ट्र में अपने सामाजिक और भ्रष्टाचार-विरोधी कामों के लिए जाने जाते थे।
पिछले ही महीने, हजारे ने इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) के प्रोबेशनर्स के एक ग्रुप से कहा था कि भारत के युवा ही देश का भविष्य हैं और ईमानदारी व निस्वार्थ सेवा राष्ट्र-निर्माण के लिए जरूरी गुण हैं।
अलग-अलग राज्यों के 20 आईपीएस प्रोबेशनर्स का यह ग्रुप (जिन्होंने हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग ली थी) जुलाई के आखिर में पश्चिमी महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में स्थित हजारे के पैतृक गांव 'रालेगन सिद्धि' गया था। उन्होंने वहां के वॉटरशेड डेवलपमेंट और ग्रामीण बदलाव के मॉडल का अध्ययन किया।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्ना हजारे ने जोर देकर कहा था कि शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक बातचीत ही जनता की शिकायतों को दूर करने के एकमात्र तरीके हैं।
सीजेपी का विरोध-प्रदर्शन खत्म होने के बाद उन्होंने कहा था कि कोई भी मुद्दा बातचीत से ही सुलझता है। बातचीत से समाधान निकलते हैं। तनाव पैदा करने और गलत रास्ते पर चलने से कुछ भी हल नहीं होगा। बातचीत सबसे जरूरी चीज है। मैंने 22 बार भूख हड़ताल की है, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। मामलों को बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। समाज का कल्याण और जो सही हो, वही किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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