अंकिता भंडारी की जांच सीबीआई को सौंपे जाना जनआंदोलन का नतीजा: अलका लांबा
नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष अलका लांबा ने अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपे जाने को सूबे की जनता के आंदोलन का नतीजा बताया।
उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रदेश की जनता ने आंदोलन करके मुख्यमंत्री को सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए मजबूर कर दिया। अगर तीन साल पहले ही इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए गए होते तो आज पूरी सच्चाई सभी के सामने आ चुकी होती। आज यह पता लग चुका होता कि किस तरह से इस मामले में कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की गई। इसके लिए अंकिता भंडारी के परिजनों पर दबाव भी बनाया गया। यहां तक कि हत्या भी करा दी गई।
अलका लांबा ने कहा कि तीन साल से इस मामले में संलिप्त आरोपी को बचाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में हमारी मांग है कि सीबीआई की जांच सिटिंग जज की निगरानी में हो। इस मामले में वीआईपी एंगल भी सामने आ रहा है। सभी ऑडियो वीडियो सामने आ रहे हैं, तो ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि इस मामले में आरोपी को क्यों बचाया जा रहा है। यह स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच निष्पक्ष होगी। इस बात की क्या गारंटी है? इसलिए हम सीटिंग जज की निगरानी में इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। हमें यह भी तय करना होगा कि इस जांच में कितना समय लगेगा। कहीं एक या दो साल लग जाएं तो आप इसे खींचने की कोशिश करेंगे। कहीं इस मामले में भी उन्नाव मामले जैसी स्थिति पैदा न हो जाए। हम सभी ने देखा कि कैसे उन्नाव मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को बरी कर दिया गया। अंकिता भंडारी के मामले में हम देख रहे हैं कि सड़क पर आंदोलन से न्याय का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। इस मामले में सत्ता पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। सत्ता आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
वहीं, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज इस मामले में संलिप्त सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस प्रकरण में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। इस मामले को विवाद की शक्ल वही लोग दे रहे हैं, जिनके पास कोई काम नहीं है। ऐसे लोग प्रदेश के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कल तक जो लोग प्रदेश के लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं, ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ही दिग्भ्रमित कर दिया। विपक्षी दलों को अंकिता को न्याय दिलाने से कोई लेना-देना नहीं है। यह लोग सिर्फ राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर यह पूरा कुचक्र रच रहे थे।
--आईएएनएस
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