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अंकित शर्मा हत्याकांड में कोर्ट के फैसले का मनोज तिवारी ने किया स्वागत, बोले- कानून के सामने कोई व्यक्ति बड़ा नहीं

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के फैसले का सांसद मनोज तिवारी ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
 

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के फैसले का सांसद मनोज तिवारी ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मनोज तिवारी ने जारी बयान में कहा कि वर्ष 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा, "अंकित शर्मा के परिवार को अपूरणीय क्षति हुई और उन्हें लंबे समय तक न्याय का इंतजार करना पड़ा। अदालत का फैसला यह साबित करता है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति बड़ा नहीं है।"

सांसद ने कहा, "ताहिर हुसैन उस समय दिल्ली नगर निगम के पार्षद थे और उन पर हत्या, दंगा भड़काने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उन्हें दोषी करार दिया है। इस फैसले से न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।"

उन्होंने कहा, "अंकित शर्मा हत्याकांड केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं थी, बल्कि यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय बना था।" उन्होंने उन लोगों से भी आत्ममंथन करने की अपील की, जिन्होंने उस समय ताहिर हुसैन का समर्थन किया था।

मनोज तिवारी ने कहा, "अदालत के इस फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए और उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को आगे भी न्याय प्रक्रिया के तहत पूर्ण न्याय मिलेगा। कानून का शासन सर्वोपरि है और न्याय की प्रक्रिया अंततः सत्य को सामने लाती है।"

बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का शव एक नाले से बरामद हुआ था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कई धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी