'अंगूरी भाभी' से पहचान मिलने पर शुभांगी अत्रे ने बताया, 'दर्शकों ने मेरे किरदार को दिल से किया स्वीकार'
मुंबई, 10 जून (आईएएनएस)। टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने लोकप्रिय सीरियल 'भाबीजी घर पर हैं' में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाई। आज लाखों लोग उन्हें जानते हैं, लेकिन इस पहचान तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। हाल ही में शुभांगी अत्रे ने करियर, लोकप्रियता और दर्शकों के साथ बने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि सफलता पाने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत की और हमेशा अपने काम को पूरी ईमानदारी से किया।
शुभांगी अत्रे ने कहा, ''किसी भी कलाकार के लिए सबसे जरूरी बात यह होती है कि वह अपने किरदार को पूरी लगन और सच्चाई के साथ निभाए। जब कोई कलाकार अपने काम में सौ फीसदी मेहनत लगाता है, तो दर्शक उससे जुड़ने लगते हैं। मेरे साथ भी यही हुआ। शुरुआत में लोगों ने मुझे मेरे असली नाम से नहीं, बल्कि मेरे किरदार के नाम से पहचानना शुरू किया। जहां भी मैं जाती थी, लोग मुझे अंगूरी भाभी कहकर बुलाते थे। किसी भी कलाकार के लिए यह बहुत बड़ी बात होती है, क्योंकि इसका मतलब है कि दर्शकों ने आपके काम को दिल से स्वीकार किया है।''
अभिनेत्री ने आगे कहा, ''समय के साथ दर्शकों का जुड़ाव और गहरा होने लगता है। लोग सिर्फ पर्दे पर दिखने वाले किरदार को नहीं, बल्कि उस किरदार को निभाने वाले कलाकार को भी जानना चाहते हैं। ऐसे में लोग कलाकार की निजी जिंदगी, उसकी सोच और उसके व्यक्तित्व के बारे में जानने की कोशिश करते हैं। आज के दौर में सोशल मीडिया इस काम में बड़ी भूमिका निभाता है। सोशल मीडिया के जरिए लोग कलाकारों के असली जीवन की झलक देख पाते हैं और उनसे एक अलग रिश्ता बना लेते हैं।''
उन्होंने कहा, ''जब लोग आपके किरदार के साथ-साथ आपके असली नाम को भी पहचानने लगते हैं और आपके अभिनय की तारीफ करते हैं, तब एक अलग तरह की खुशी महसूस होती है। उस समय लगता है कि आपकी मेहनत रंग लाई है और आपने अपने काम के जरिए लोगों के दिलों में जगह बना ली है। यही वह पल होता है जब एक कलाकार को अपनी सफलता का असली एहसास होता है।''
शुभांगी अत्रे ने आगे कहा, ''जब लोग आपको इतना प्यार और सम्मान देते हैं, तो आपकी भी जिम्मेदारी बनती है कि आप उनके उस प्यार की कद्र करें। दर्शकों का स्नेह ही किसी कलाकार को आगे बढ़ाता है और उसे सफल बनाता है। इसलिए कलाकार को हमेशा अपने प्रशंसकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव रखना चाहिए।''
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