आंध्र प्रदेश में कोविड-19 मामलों में ओमिक्रॉन आपएफ.5 वेरिएंट का पता चला
अमरावती, 18 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 पॉजिटिव नमूनों के जीनोम अनुक्रमण के माध्यम से ओमिक्रॉन आरएफ.5 वेरिएंट की पहचान की गई है। पुणे वायरोलॉजी प्रयोगशाला में चार नमूनों का परीक्षण किया गया।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने घोषणा की कि कडप्पा जिले से प्राप्त चार कोविड-19 पॉजिटिव नमूनों के जीनोम अनुक्रमण से ओमिक्रॉन आरएफ.5 वेरिएंट की उपस्थिति की पुष्टि हुई है। नमूनों को पुणे की वायरोलॉजी प्रयोगशाला में भेजा गया था और अब परिणाम प्राप्त हो चुके हैं।
रिपोर्ट के बाद, मंत्री ने अनुक्रमण परिणामों और राज्य में वर्तमान कोविड-19 स्थिति पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ टेलीफोन पर बैठक की। बाद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक बयान जारी किया गया।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) डॉ. विष्णुवर्धन ने कहा कि जनता को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने और बुनियादी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी।
डॉ. विष्णुवर्धन ने बताया कि ओमिक्रॉन आरएफ.5, एसएआरएस-सीओवी-2 के ओमिक्रॉन वेरिएंट की कई उपवंशों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नियमित जीनोमिक निगरानी के तहत इसकी निगरानी कर रहा है। उन्होंने आगे बताया कि सिंगापुर और दक्षिण-पूर्वी एशिया के कुछ अन्य देशों में आरएफ.5 के मामले अधिक संख्या में सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार ऐसा कोई संकेत नहीं है कि आरएफ.5 अन्य ओमिक्रॉन उपवंशों से अधिक खतरनाक है। इसलिए, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
आरएफ.5, एसएआरएस-सीओवी-2 वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक उपवंश है। यह जेएन.1 वंश से एलएफ.7 पीवाई.1.1.1 शाखाओं के माध्यम से स्वाभाविक रूप से विकसित हुआ है और यह एक पुनर्संयोजित वेरिएंट नहीं है। डब्ल्यूएचओ नियमित जीनोमिक निगरानी कार्यक्रम के तहत इसकी निगरानी जारी रखे हुए है।
डॉ. विष्णुवर्धन ने बताया कि आरएएफ.5 के लक्षण अन्य ओमिक्रॉन उप-प्रकारों के लक्षणों के समान हैं, जिनमें गले में खराश, खांसी, बुखार, सिरदर्द, नाक बहना या बंद होना, थकान, और शरीर में दर्द शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के मामले छिटपुट हैं और सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि शिक्षण अस्पतालों में कोविड-19 के लिए विशेष वार्ड और बेड स्थापित किए जा रहे हैं, साथ ही कोविड-19 मामलों की पहचान और उपचार के लिए परीक्षण किट और अन्य आवश्यक चिकित्सा बुनियादी ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में अब तक कुल 16 कोविड-19 मामले सामने आए हैं। मंत्री ने बताया कि इनमें से 12 मामले 16 जुलाई तक दर्ज किए गए।
--आईएएनएस
एमएस/
