'अनगिनत बलिदानों की यादों को समेटे हुए है सोमनाथ', पीएम मोदी ने शेयर की यात्रा की झलकियां
सोमनाथ, 11 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात यात्रा के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' और 'शौर्य यात्रा' में शामिल हुए। पीएम मोदी ने अपनी इस यात्रा से जुड़ीं कुछ झलकियां सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। वीडियो शेयर कर प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ अनगिनत बलिदानों की यादों को समेटे हुए है, जो हमें हमेशा प्रेरित करती रहती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' आस्था और धैर्य का प्रतीक है। सोमनाथ अनगिनत बलिदानों की यादों को समेटे हुए है, जो हमें हमेशा प्रेरित करती रहती हैं। यह उतना ही दिव्यता और सभ्यता की महानता के बारे में भी है।
पीएम मोदी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में वह यात्रा के दौरान डमरू वादन करते, भीड़ का अभिवादन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के भी कुछ अंश हैं, जिसमें वह कह रहे हैं कि इस आयोजन में गरिमा है और गर्व है। इसमें गरिमा का ज्ञान, वैभव की विरासत और अध्यात्म की अनुभूति है। आनंद है, आत्मीयता है और सबसे बढ़कर महादेव का आशीर्वाद है।
उन्होंने कहा कि ये समय, वातावरण और उत्सव अद्भुत हैं। मंत्रों की गूंज, आस्था का उफान और दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को और दिव्य बना रही है। हजार साल पहले आततायी सोच रहे थे कि हमें जीत लिया। आज एक हजार साल बाद भी सोमनाथ मंदिर के ऊपर फहरा रही ध्वजा आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, सामर्थ्य क्या है।
उन्होंने कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' एक हजार साल पहले हुए विध्वंस के स्मरण का नहीं, बल्कि एक हजार साल की यात्रा और हमारे स्वाभिमान का पर्व है।
गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर के 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निर्माण का है। यह हमारे पूर्वजों के पराक्रम, त्याग और बलिदान का इतिहास है। आक्रांता आते रहे, लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से स्थापित होता रहा, दुनिया के इतिहास में ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है।
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