अमृतसर में ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों के 5 नेटवर्क का पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार
अमृतसर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से छह पिस्तौल, 4.409 किलोग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित 12.90 लाख रुपये, 12 जिंदा कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया गया है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले पांच नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। इस संबंध में पांच अलग-अलग प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं।
डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल थे। पुलिस अब इन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। मामले की आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान नशा तस्करी और हथियारों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को नशीले पदार्थ और हथियार कहां से मिलते थे तथा इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस नशा तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस का लक्ष्य राज्य को सुरक्षित और नशामुक्त बनाना है।
पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के जरिए वांटेड अपराधियों और गैंगस्टरों से जुड़ी जानकारी बिना अपनी पहचान बताए दे सकते हैं। इस हेल्पलाइन पर अपराध और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी कोई भी सूचना साझा की जा सकती है।
वहीं दूसरी तरफ, पुलिस की टीमों ने ड्रग्स के खिलाफ अपना अभियान 'युद्ध नशियां विरुद्ध' 590वें दिन भी जारी रखा है। अभियान में 196 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 923 ग्राम हेरोइन, 700 ग्राम अफीम, 1001 नशीली गोलियां और ड्रग मनी के 7,900 रुपए बरामद किए गए। इसके साथ ही सिर्फ 590 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल ड्रग तस्करों की संख्या 84,613 हो गई है।
नशामुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने 24 लोगों को नशा-मुक्ति के इलाज और पुनर्वास के लिए भी प्रेरित किया है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब को नशा मुक्त नहीं बना दिया जाता।
--आईएएनएस
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