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अमेरिकी चुनाव को लेकर ट्रंप के बयान ने बढ़ाई हलचल, कमला हैरिस बोलीं-सच्चाई से ध्यान हटाना चाहते हैं राष्ट्रपति

वाशिंगटन, 17 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर किए गए दावों ने देश के राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के वोटरों का डेटा हैक करने और रूस-ईरान की सेंधमारी का आरोप लगाया। अमेरिकी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इस बीच पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप लोगों का सच्चाई से ध्यान भटकाना चाहते हैं।
 

वाशिंगटन, 17 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर किए गए दावों ने देश के राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के वोटरों का डेटा हैक करने और रूस-ईरान की सेंधमारी का आरोप लगाया। अमेरिकी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इस बीच पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप लोगों का सच्चाई से ध्यान भटकाना चाहते हैं।

दरअसल, अमेरिका में मिड टर्म का चुनाव होने वाला है। चुनाव से पहले देश की राजनीतिक गलियारे की हलचल तेज हो गई। अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इससे पहले कि राष्ट्रपति आज रात (स्थानीय समय गुरुवार) टेलीविजन पर झूठ और साजिश के सिद्धांत फैलाएं, आपको यह जानना आवश्यक है: 2020 का चुनाव चोरी नहीं हुआ था. हम जीत गए और वह हार गए। 'सेव एक्ट' वोटर को दबाने का एक तरीका है। यह कंजर्वेटिव लोगों के एक बड़े एजेंडे का हिस्सा है जो लोगों से पावर छीनने की कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार ने घर, स्वास्थ्य सुविधा, बच्चों की देखभाल, खाने या गैस की कीमत कम करने के लिए कुछ नहीं किया है। डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार ने अमेरिका को एक ऐसे युद्ध में डाल दिया है जो लोग नहीं चाहते। वह आपको उस सच्चाई से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

हैरिस ने ट्रंप पर सच्चाई से ध्यान भटकाने और चुनाव में हार के डर का आरोप लगाते हुए कहा, "राष्ट्रपति आपकी (जनता) ताकत से डरे हुए हैं और वह चाहते हैं कि आप यह मान लें कि आपके वोट का कोई मतलब नहीं है। वह चाहते हैं कि हमारे इलेक्टोरल सिस्टम पर आपका भरोसा खत्म हो जाए, इसलिए आप इस नवंबर घर पर रहें। वह जानते हैं कि अमेरिकी लोग कितने नाराज हैं और वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आप वोट न दें, क्योंकि अगर लोग अपनी संख्या में वोट करेंगे, तो रिपब्लिकन हार जाएंगे।"

उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि अभी हालात बहुत मुश्किल हैं और हमें बहुत काम करना है। वोटिंग एक जरूरी कदम है जिसे हम अपनी आवाज उठाने, यह साबित करने के लिए उठा सकते हैं कि हम अभी भी इस लड़ाई में हैं और इस भ्रष्ट और क्रूर सरकार पर असली रोक लगा सकते हैं।

अमेरिकी रिप्रजेंटेटिव नैंसी पेलोसी ने कहा कि जाहिर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति एक हारे हुए इंसान हैं। अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप अभी आपके (जनता के) लिए खर्च कम करने के बजाय छह साल पहले के झूठ बोलने में अपनी शाम बिता रहे हैं।"

डेमोक्रेट के नेता हकीम जेफरीज ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप एक कमजोर, पागल, साजिश करने वाले 80 साल का नाकाम प्रेसिडेंट हैं। इस आदमी के राज में आर्थिक हालत बहुत खराब है और अमेरिकी लोग यह जानते हैं।"

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने एपस्टिन फाइल को लेकर ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि दस्तावेज की बात करें तो, एपस्टीन की उन फाइलों का पूरा रिलीज कब होगा? आज रात (स्थानीय समय गुरुवार) डोनाल्ड ट्रंप पुष्टि करेंगे कि वे हमारे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। यह कानून का राज नहीं है, यह डॉन का राज है। इस पागल राजा के आगे मत झुको।

एरिजोना के लिए अमेरिकी सीनेटर कैप्टन मार्क केली ने लिखा, "अगर ट्रंप जीतते हैं, तो यह एक निष्पक्ष चुनाव होगा। अगर वे हारते हैं, तो धांधली हुई है। क्या उन्हें पता है कि जिस चुनाव की वे बात कर रहे हैं, वह राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल में हुआ था? ट्रंप अब यह बात सिर्फ इसलिए उठा रहे हैं ताकि इस बात से ध्यान भटका सकें कि वे अमेरिकियों की जिंदगी बेहतर बनाने में नाकाम रहे हैं।"

जॉर्जिया में अमेरिका के सीनेटर जॉन ओसोफ्फ ने राष्ट्रपति ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा, "आज रात (स्थानीय समय गुरुवार) मैंने एक नाकाम और हताश राष्ट्रपति को सुना, जो युद्ध बढ़ने और कीमतें बढ़ने के साथ हमेशा की तरह अपनी शिकायतों, अपनी शर्म और सबसे बढ़कर हार के साथ आने वाली जवाबदेही के डर पर ध्यान दे रहा है। मैंने एक राष्ट्रपति को इन चुनावों और हमारे वोटिंग अधिकारों पर हमला करने के अपने साफ इरादे का संकेत करते हुए भी सुना, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने 2020 में हमारे वोटों को खत्म करने और प्रेसिडेंसी पर कब्जा करने की कोशिश की थी। हमारा जवाब जबरदस्त होगा।"

सीनेटर रेवरेंड राफेल वार्नॉक ने कहा कि मैं समझता हूं। हारना मुश्किल है। लेकिन छह साल बाद भी ट्रंप उस चुनाव के बारे में बात कर रहे हैं जो वे हार गए थे? यह एक ऐसी चीज है जिस पर किसी थेरेपिस्ट से बात करनी होगी। जॉर्जिया और देश के लोगों को इससे दूर रखें।

--आईएएनएस

केके/पीएम