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अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस आने का दिया आदेश

वाशिंगटन, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों (जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं) और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस लौटने का आदेश दिया है। यह कदम नागरिक हवाई अड्डों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए उठाया गया है। इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि ये हमले और फैल सकते हैं।
 

वाशिंगटन, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों (जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं) और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस लौटने का आदेश दिया है। यह कदम नागरिक हवाई अड्डों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए उठाया गया है। इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि ये हमले और फैल सकते हैं।

विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने इस आदेश की पुष्टि की है। विभाग ने बताया कि इन हमलों में आम नागरिकों की जान गई है और यात्रा व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है।

प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में मौजूद उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस आने का आदेश दिया है, जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं।"

बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब के खिलाफ बढ़ती शत्रुता के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोही जिम्मेदार हैं। हालांकि, यह नहीं बताया गया है कि कितने अमेरिकी कर्मचारी और उनके परिजन वहां से वापस आएंगे, और न ही उनकी वापसी के लिए कोई समय-सीमा दी गई है।

प्रवक्ता ने कहा, "ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब के खिलाफ लगातार हमले कर रहे हैं। इनमें नागरिक हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर किए गए हमले शामिल हैं, जिनकी वजह से आम नागरिकों की जान गई है और यात्रा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।"

विभाग ने अपने बयान में हताहतों की संख्या नहीं बताई और न ही अलग-अलग हमलों की पहचान की। विभाग की चेतावनी सऊदी अरब में तैनात कर्मियों के लिए तत्काल खतरे से कहीं आगे तक जाती है।

प्रवक्ता ने कहा, "जैसा कि विभाग ने बार-बार जोर दिया है, संघर्ष के तेजी से बढ़ने की संभावना है, और यह उस क्षेत्र से बाहर तक भी फैल सकता है।"

यह आदेश अमेरिकी सरकार के उन कर्मचारियों पर लागू होता है, जो आपातकालीन सेवाओं में नहीं हैं और उनके परिवारों पर भी लागू होता है। बयान में अमेरिकी दूतावास को बंद करने या देश में मौजूद निजी अमेरिकी नागरिकों को वहां से पूरी तरह निकालने की कोई घोषणा नहीं की गई है।

इसमें अन्य देशों में तैनात कर्मियों के लिए वहां से निकलने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। प्रवक्ता की यह पुष्टि विशेष रूप से सऊदी अरब के संदर्भ में है। बयान में कहा गया है, "विभाग के कर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे जब वापस अमेरिका लौटेंगे, तो उनकी सुरक्षा और मदद के लिए हम सभी जरूरी कदम उठाना जारी रखेंगे।"

विभाग ने यह नहीं बताया कि कर्मियों को वापस लाने के लिए किस तरह के परिवहन इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही, यह भी नहीं बताया गया कि जो लोग वहां से जा रहे हैं, वे वापस अपने पदों पर कब लौट सकेंगे।

यह घोषणा अमेरिकी मिशन की ओर से जारी उन सुरक्षा चेतावनियों के बाद आई है, जिनमें हवाई अड्डों पर हमलों और हवाई यात्रा में अधिक रुकावट आने के जोखिम के बारे में बताया गया था।

दूतावास ने अपने आधिकारिक लिंक्डइन अकाउंट पर 20 अक्टूबर को जारी एक अलर्ट में बताया कि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कामकाज बंद है। इसमें कहा गया कि जेद्दा और दम्माम के हवाई अड्डों पर काम तो चल रहा है, लेकिन वहां कुछ देरी हो रही है और उड़ानें रद्द भी की जा रही हैं।

इस अलर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के मद्देनजर, सऊदी अरब के किसी भी हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने के लिए अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को 'चीफ ऑफ मिशन' से विशेष अनुमति लेनी होगी।

--आईएएनएस

एबीएम/