Aapka Rajasthan

अमेरिका ने भारत को दी टैरिफ राहत, एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा फायदा: गौरव वल्लभ

उदयपुर, 4 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गौरव वल्लभ ने अमेरिका की टैरिफ कटौती को देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम उपलब्धि बताया है। उन्होंने इस समझौते के लिए पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया।
 
अमेरिका ने भारत को दी टैरिफ राहत, एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा फायदा: गौरव वल्लभ

उदयपुर, 4 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गौरव वल्लभ ने अमेरिका की टैरिफ कटौती को देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम उपलब्धि बताया है। उन्‍होंने इस समझौते के लिए पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्‍यवाद दिया।

गौरव वल्लभ ने कहा कि यूएस टैरिफ 25 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होना भारत के एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।

गौरव वल्लभ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस फैसले से टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, हैवी इंजीनियरिंग और केमिकल प्रोडक्ट्स से जुड़ी इंडस्ट्रीज को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं स्वीकार किया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी पर्सनल केमिस्ट्री अब भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ में तब्दील हो रही है। एक भारतीय होने के नाते मैं पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इस पूरी डील को बेहतरीन तरीके से हैंडल किया।

गौरव वल्लभ ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार में भारत पर सबसे कम टैरिफ रेट लागू किया गया है। यूरोप, जापान और साउथ कोरिया जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों को छोड़ दिया जाए तो भारत को केवल 18 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है, जो अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में जहां भारत का मुकाबला बांग्लादेश से है, वहां बांग्लादेश पर भारत से अधिक टैरिफ लगाया गया है। इसी तरह लेदर प्रोडक्ट्स और हैंडीक्राफ्ट्स के क्षेत्र में जहां भारत वियतनाम और थाईलैंड से प्रतिस्पर्धा करता है, उन देशों पर 20 से 21 प्रतिशत तक टैरिफ है, जबकि भारत पर सिर्फ 18 प्रतिशत टैरिफ लागू है।

गौरव वल्लभ ने कहा कि इससे यह साफ हो गया है कि अमेरिका ने अपनी प्राथमिकताओं में भारत को विशेष स्थान दिया है और अमेरिकी बाजार भारतीय उत्पादों के लिए पहले से ज्यादा गहराई तक खुला हुआ है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी