अमेरिका को ईरान की चेतावनी: हमारी एकता ही सबसे बड़ी ताकत, किसी भी हमले का मिलेगा करारा जवाब
नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच जारी घमासान में दोनों ही तरफ से हमले किए जा रहे हैं। ईरान के हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिकी सेना ने आक्रामकता बढ़ा दी है। ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने अमेरिका पर लोगों और अधिकारियों के बीच फूट डालने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या दबाव का जवाब वह पूरी ताकत से दिया जाएगा।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरान के सेंट्रल खातम अल-अंबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि कई बार सैन्य नाकामी के बाद अब दुश्मन लोगों और अधिकारियों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है। लेकिन ईरान की अंदरूनी एकता ही इस 'शैतानी साजिश' को हराने की सबसे बड़ी ताकत है।
अब्दुल्लाही ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई की, तो ईरान की सशस्त्र सेनाएं उसका बेहद कड़ा जवाब देंगी।
आईआरएनए के मुताबिक, अब्दुल्लाही ने रविवार को कहा कि अमेरिका की ओर से किसी भी तरह की लालच, दबाव बनाने की कोशिश, विस्तारवादी नीति या हिंसक कार्रवाई का सामना ईरान की तरफ से ऐसा निर्णायक और नुकसान पहुंचाने वाला जवाब मिलेगा, जिसकी कीमत 'दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों से भी ज्यादा भारी होगी।'
अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरान की रक्षा क्षमता पूरे देश की सुरक्षा की गारंटी है और यही ताकत अधिकारियों को ईरानी लोगों की भलाई के लिए काम करने का भरोसा देती है।
उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा और नेता के मार्गदर्शन से ईरान लोगों की ऐतिहासिक एकजुटता से पैदा हुई इस एकता की रक्षा करेगा।
ईरान के हमले में पहली बार दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। इसके बाद अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि उसने सैनिकों के मारे जाने के जवाब में ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
समाचार एजेंसी आईआरएनए ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
अमेरिकी सेना ने बताया कि इस अभियान में ईरान की तटीय निगरानी प्रणालियों, वायु रक्षा ठिकानों, समुद्री सैन्य क्षमताओं और मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था।
--आईएएनएस
एवाई/पीएम
