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अमेरिका की मोस्ट वांटेड धोखाधड़ी सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी जालंधर से गिरफ्तार

जालंधर, 4 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को पंजाब पुलिस ने जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है। बेदी पर अमेरिकी सरकार की खाद्य सहायता योजना से जुड़े लाभों में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
 

जालंधर, 4 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को पंजाब पुलिस ने जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है। बेदी पर अमेरिकी सरकार की खाद्य सहायता योजना से जुड़े लाभों में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय भगोड़ों और संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की। बेदी की गिरफ्तारी पर अमेरिकी एजेंसियों द्वारा 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम भी घोषित किया गया था।

एफबीआई के अनुसार, मंजीत सिंह बेदी अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के ताकोमा शहर में 'एशियन ग्रॉसरी स्टोर' नामक किराना दुकान संचालित करता था। वह अमेरिकी सरकार की सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (एसएनएपी) योजना के लाभार्थियों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत था।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि बेदी ने लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर कार्ड से खाद्य सामग्री बेचने के बजाय कार्ड स्वाइप कर उन्हें नकद राशि देना शुरू कर दिया। बदले में वह दी गई नकदी का लगभग 50 प्रतिशत अपने पास रखता था। अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2024 से जून 2025 के बीच इस कथित योजना के जरिए अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर (करीब 5.3 करोड़ रुपए) का नुकसान पहुंचाया गया।

मामला सामने आने के बाद बेदी के खिलाफ वायर फ्रॉड और एसएनएपी लाभ धोखाधड़ी से संबंधित आरोपों में कार्रवाई शुरू हुई। अमेरिकी अदालत ने प्रारंभिक चरण में उसे कुछ शर्तों के साथ राहत दी थी, जिसमें पासपोर्ट जमा करना और वाशिंगटन राज्य के भीतर ही रहना शामिल था। हालांकि, जांच एजेंसियों का आरोप है कि बेदी ने इन शर्तों का उल्लंघन किया और सड़क मार्ग से अमेरिका-कनाडा सीमा पार कर कनाडा पहुंच गया। बाद में वह अप्रैल 2026 में भारत आ गया और कथित तौर पर कानून से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

अमेरिकी अदालत की शर्तों का उल्लंघन सामने आने के बाद वाशिंगटन के पश्चिमी जिले की अमेरिकी जिला अदालत ने 21 मई 2026 को उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद एफबीआई ने उसे अपने वांछित धोखाधड़ी आरोपियों की सूची में शामिल कर उसकी तलाश तेज कर दी थी।

पंजाब पुलिस की गिरफ्तारी के बाद अब संबंधित अमेरिकी एजेंसियों और अन्य विभागों से संपर्क स्थापित कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में बेदी के अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी