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अमर शहीद जुब्बा सहनी के शहादत दिवस पर पटना में भव्य कार्यक्रम, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा होंगे शामिल

पटना, 9 मार्च (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना के बापू सभागार में 11 मार्च को अमर शहीद जुब्बा सहनी के शहादत दिवस के मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जल मित्र सामाजिक संगठन के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा शामिल होंगे।
 
अमर शहीद जुब्बा सहनी के शहादत दिवस पर पटना में भव्य कार्यक्रम, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा होंगे शामिल

पटना, 9 मार्च (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना के बापू सभागार में 11 मार्च को अमर शहीद जुब्बा सहनी के शहादत दिवस के मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जल मित्र सामाजिक संगठन के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा शामिल होंगे।

जल मित्र सामाजिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सकलदेव सिंह ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी का शहादत दिवस मनाने के लिए 11 मार्च को निषाद समुदाय के हजारों लोग बापू सभागार में जुटेंगे। कार्यक्रम में बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, और बिहार के सभी जिलों के लोग यहां पहुंचेंगे।

इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाईं दलसानिया, उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल, मंत्री सुरेंद्र मेहता, मंत्री प्रमोद चन्द्रवंशी सहित कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी की शहादत को देश भूल नहीं सकता। निषाद समाज का देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

बिंद, बेलदार, नोनिया सहित अन्य उपजातियों के समर्थन से पहली बार इतना व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सकलदेव सिंह बिंद ने जोर देते हुए कहा कि जुब्बा सहनी की जीवनी और खासकर उनके शहादत को आने वाली पीढ़ी भी जान सके, इसी उद्देश्य से इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हम सबका कर्तव्य है कि आने वाली पीढ़ी को हम स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी से परिचित करा सकें। उन्होंने कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी का आजाद भारत की लड़ाई में किया गया योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुजफ्फरपुर की धरती पर जन्मे जुब्बा सहनी जी का योगदान इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से सुशोभित है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया, जिसके लिए उन्होंने एक नई क्रांति को जन्म दिया और अपना पराक्रम दिखाया।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी