'एनसीपीआई में सभी एकजुट, देशहित में करेंगे काम', एनडीए की बैठक पर बोले यूसुफ पठान
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सांसदों ने गुरुवार को एनडीए की बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। पार्टी सांसद यूसुफ पठान ने बताया कि एनसीपीआई पूरी तरह एकजुट है और देशहित में जो भी बेहतर होगा उसका समर्थन करेगी।
एनसीपीआई सांसद यूसुफ पठान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम सभी एनसीपीआई में एकजुट हैं। हम देश के हित में जो भी बेहतर होगा, वही करेंगे। हमें एनडीए की ओर से सूचित किया गया था और फोन कॉल भी आया था। जब निमंत्रण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मिलता है तो उसमें शामिल होना चाहिए। यह गर्व की बात है। हम एनसीपीआई के साथ खड़े हैं और देश के लिए जो भी लाभकारी होगा उसका समर्थन करेंगे।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद एनसीपीआई सांसद अबू ताहिर खान ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "मेरे साथ शताब्दी रॉय, असित कुमार मल, खलीकुर रहमान और यूसुफ पठान भी थे। बैठक में दो मुख्य मुद्दे उठाए गए। पहला मुद्दा मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का था। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है और इसे अचानक हटाना समुदाय की भावनाओं से जुड़ा विषय है।"
इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने एनसीपीआई के रुख पर सवाल उठाए। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, "अगर एनसीपीआई एनडीए के साथ जा रही है तो उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अगर वे एनडीए के साथ हैं तो उन्हें भाजपा के साथ जाना चाहिए और उसकी नीतियों को अपनाना चाहिए।"
सौगत रॉय ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकार ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर रोक लगाई है, गो-हत्या पर प्रतिबंध लगाया है और बीफ बेचने वाली दुकानें बंद करवाई हैं। उन्होंने सवाल किया कि मुस्लिम समुदाय पर आगे और क्या पाबंदियां लगाई जाएंगी, यह कोई नहीं जानता।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "20 जुलाई की घटना के बाद से गृह मंत्री न तो सदन आए हैं, न माफी मांगी है और न ही इस मामले पर कोई बयान दिया है।"
--आईएएनएस
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