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अखिलेश का भाजपा पर निशाना, बोले- बुराई की शुरुआत यूपी से खत्म हो, पीडीए रथों से साधेंगे सियासी समीकरण

लखनऊ, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दशहरे के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि बुराई को खत्म करने की शुरुआत उत्तर प्रदेश से होनी चाहिए। उन्होंने रामराज्य और समाजवाद को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए भाजपा पर सामाजिक न्याय, लोगों के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
 

लखनऊ, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दशहरे के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि बुराई को खत्म करने की शुरुआत उत्तर प्रदेश से होनी चाहिए। उन्होंने रामराज्य और समाजवाद को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए भाजपा पर सामाजिक न्याय, लोगों के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

उन्होंने मंगलवार को सपा कार्यालय से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) यात्रा रथों को रवाना करते हुए कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची दुरुस्त कराने के लिए सतर्क रहने की अपील की। अखिलेश ने घोषणा की कि पार्टी 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर अपना घोषणापत्र जारी करेगी।

अखिलेश यादव ने पीडीए यात्रा रथों को नारियल फोड़कर और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान शंखनाद और मंत्रोच्चारण भी हुआ। पार्टी की ओर से तैयार इन रथों के जरिए युवाओं, पीड़ितों और पिछड़े वर्गों तक पहुंच बनाने का संदेश दिया गया। सपा प्रमुख ने कहा कि आने वाले समय में असली राजनीतिक महाभारत की शुरुआत होने जा रही है और इस लड़ाई में भाजपा को खत्म करना है।

अखिलेश ने दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “भारत में यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि हमें बुराई से हमेशा लड़ते रहना पड़ता है। बुराई को हराते रहना है और अच्छाई की जीत हो। आज के दिन हम लोग संकल्प लें कि इस धरती से हमेशा के लिए बुराई को खत्म कर देना है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से हो।” उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने लोगों को रामराज्य का रास्ता दिखाया था। सपा पहले भी यह तर्क देती रही है कि समाजवाद ही रामराज्य है और रामराज्य ही समाजवाद है। अखिलेश ने कहा, “धरती पर अच्छाई को लाने वाले सनातनी हैं और जो बुराई करे, वो नकली सनातनी हैं।”

उन्होंने लोगों को सावधान रहने की जरूरत भी बताई। सपा प्रमुख ने भाजपा पर एआई के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुबह उठते ही भाजपा के लोगों ने उनका रावण वाला वीडियो प्रसारित कर दिया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल अच्छाई के लिए होना चाहिए, लेकिन भाजपा इसका इस्तेमाल बुराई के लिए कर रही है। अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाली राजनीतिक लड़ाई बेहद कठिन होगी और देश का भविष्य इसी पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ही देश को बचाएगा और समाजवादियों को इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी का प्राथमिक कार्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची दुरुस्त हो।

अखिलेश ने कहा, “अगर हम मतदाता सूची को ठीक करने में विफल रहे, तो हम यह लड़ाई नहीं जीत सकते।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से वोट जुटाने और मतदाता सूची को व्यवस्थित रखने पर ध्यान देने की अपील की। सपा प्रमुख ने एसएसआर प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद मतदाता सूची में कोई और संशोधन नहीं होगा और नया अपडेट संभव नहीं होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और नामांकन के दिन तक मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने को कहा।

अखिलेश ने यह भी घोषणा की कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर अपना घोषणापत्र जारी करेगी। इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी के राजनीतिक एजेंडे को सामने रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सपा अध्यक्ष ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को अनावश्यक रूप से हिरासत में रखा गया है।

अखिलेश ने कहा कि न तो कानून और न ही संविधान इसकी अनुमति देता है, लेकिन भाजपा दबाव बनाकर उन्हें सलाखों के पीछे रख रही है। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि डुप्लीकेट वोट मिलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयुक्त को बचाने का भी आरोप लगाया।

सपा अध्यक्ष ने लखनऊ में जलभराव, शिक्षा व्यवस्था और खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि मिलावट के मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। उन्होंने भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के बंटवारे को लेकर भी अखिलेश ने भाजपा पर तंज कसा।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए सीट बंटवारा बड़ी चुनौती है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) को कितनी सीटें देगी और अपने सहयोगियों को कहां समायोजित करेगी। अखिलेश ने कहा कि भाजपा को डर है कि कहीं वह उत्तर प्रदेश से खत्म न हो जाए।

पीडीए यात्रा रथों की रवानगी, मतदाता सूची पर सतर्कता के आह्वान और 26 नवंबर को घोषणापत्र जारी करने की घोषणा के जरिए अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की तैयारियों के संकेत दिए। उनके संबोधन में सामाजिक न्याय, संविधान, मतदाता सूची और भाजपा विरोध प्रमुख मुद्दे रहे।

--आईएएनएस

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